Dhanbad Dog Attack : घर के बाहर खेल रहे अंकित यादव पर आवारा कुत्ते ने किया हमला, इलाके में दहशत का माहौल, प्रशासन पर उठे सवाल
Dhanbad Dog Attack : धनबाद के केंदुआडीह थाना क्षेत्र के बसरिया में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां पागल कुत्ते के हमले से 7 वर्षीय मासूम की मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है और आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक पर प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
झारखंड के धनबाद जिले से एक बेहद दर्दनाक और दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। Dhanbad के केंदुआडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत बसरिया इलाके में एक पागल कुत्ते के हमले से 7 वर्षीय मासूम बच्चे की मौत हो गई। इस घटना ने न केवल एक परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया है, बल्कि पूरे इलाके में भय और गुस्से का माहौल भी पैदा कर दिया है।
घटना शुक्रवार सुबह की बताई जा रही है, जब बसरिया चार नंबर निवासी अंकित यादव अपने घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। परिवार के सदस्य अपने-अपने काम में व्यस्त थे और किसी को इस बात का अंदेशा भी नहीं था कि कुछ ही पलों में एक बड़ा हादसा घटने वाला है।
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, अचानक एक आवारा कुत्ता, जिसे स्थानीय लोग ‘पागल कुत्ता’ बता रहे हैं, वहां आ पहुंचा और खेल रहे बच्चों पर हमला कर दिया। इस दौरान उसने अंकित को निशाना बनाया और उसे बुरी तरह काटने लगा। कुत्ते ने बच्चे को घसीटते हुए कुछ दूरी तक ले गया और उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया।
बच्चे के पिता कुंदन यादव ने बताया कि जब तक उन्हें घटना की जानकारी मिली, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उन्होंने बताया, “हम लोग घर के अंदर काम कर रहे थे, तभी अचानक बच्चों की चीख सुनाई दी। बाहर आकर देखा तो कुत्ता मेरे बेटे को घसीटते हुए ले जा रहा था। हम लोग तुरंत उसके पीछे दौड़े, लेकिन तब तक वह अंकित को बुरी तरह नोच चुका था।”
घटना के बाद परिजन और आसपास के लोग तुरंत बच्चे को नजदीकी चिकित्सक के पास लेकर पहुंचे। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। यह सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बसरिया और आसपास के इलाकों में आवारा कुत्तों का आतंक लंबे समय से बना हुआ है। कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का आरोप है कि अगर समय रहते कार्रवाई की गई होती, तो शायद आज एक मासूम की जान नहीं जाती।
इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। अभिभावक अपने बच्चों को घर से बाहर निकलने से रोक रहे हैं और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। लोगों ने नगर निगम और संबंधित अधिकारियों से आवारा कुत्तों को पकड़ने और इलाके को सुरक्षित बनाने की अपील की है।
विशेषज्ञों के अनुसार, आवारा कुत्तों की संख्या में लगातार वृद्धि और उनका आक्रामक व्यवहार एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह खतरा अधिक होता है। ऐसे मामलों में समय पर टीकाकरण, नसबंदी और निगरानी बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
यह घटना न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि समाज और प्रशासन के लिए भी एक चेतावनी है। सवाल यह है कि आखिर कब तक आवारा जानवरों का आतंक यूं ही मासूमों की जान लेता रहेगा? क्या प्रशासन इस दर्दनाक घटना से सबक लेकर कोई ठोस कदम उठाएगा या फिर अगली घटना का इंतजार किया जाएगा?
फिलहाल, अंकित की मौत ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं और यह घटना लोगों के दिलों में एक गहरा जख्म छोड़ गई है।
