Hazaribagh : तीन दिन से लापता थे मौसेरे भाई-बहन, एक साथ शव मिलने से परिजनों ने जताई साजिश की आशंका
झारखंड के Hazaribagh जिले में दंदाहा नदी से तीन बच्चों के शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस जांच में जुटी है, वहीं परिजन इसे हत्या बता रहे हैं।
झारखंड के हजारीबाग जिले से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित दंदाहा नदी से तीन मासूम बच्चों के शव बरामद होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया है, बल्कि कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान खुशी, सानिया और आदिल के रूप में हुई है, जो आपस में मौसेरे भाई-बहन थे। बताया जा रहा है कि ये तीनों बीते 23 अप्रैल से लापता थे। परिजनों ने उनकी गुमशुदगी को लेकर थाना में आवेदन भी दिया था, लेकिन लगातार तीन दिनों तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया।
घटना का खुलासा तब हुआ जब सोमवार को स्थानीय लोगों ने दंदाहा नदी में तीन शव तैरते हुए देखे। यह खबर जंगल की आग की तरह फैल गई और मौके पर भारी भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और तत्काल तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही, फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को भी बुलाया गया है, ताकि घटनास्थल से अहम सुराग जुटाए जा सकें।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि तीनों बच्चे एक साथ नदी तक कैसे पहुंचे? क्या यह महज एक हादसा है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी हुई है?
वहीं, मृतकों के परिजनों का आरोप है कि यह कोई सामान्य घटना नहीं हो सकती। उनका कहना है कि तीनों बच्चों की हत्या कर शवों को नदी में फेंका गया है। परिजनों ने इस घटना की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को सख्त सजा मिल सके।
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम पसरा हुआ है और हर किसी की आंखें नम हैं। स्थानीय लोग भी इस घटना को लेकर आक्रोशित हैं और जल्द से जल्द मामले के खुलासे की मांग कर रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है—चाहे वह दुर्घटना हो, आत्महत्या हो या फिर हत्या। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल पाएगा।
फिलहाल, यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। तीन मासूम जिंदगियों का इस तरह खत्म हो जाना न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि समाज के लिए भी एक बड़ा सवाल है।
अब सबकी निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं—क्या यह सिर्फ एक हादसा था या फिर इसके पीछे कोई खौफनाक साजिश छिपी है? इसका जवाब आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट से सामने आएगा।
