Jharkhand Cabinet Meeting : महिला, बाल विकास से लेकर आदिवासी कल्याण योजनाओं तक—NGO आधारित कार्यों की मॉनिटरिंग और डेटा बेस तैयार करने के निर्देश
Jharkhand Cabinet Meeting : झारखंड मंत्रालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल डेटा बेस और रोजगार उन्मुख शिक्षा पर विशेष जोर दिया।
रांची, 27 अप्रैल 2026: झारखंड सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग तथा अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अंतर्गत स्वयंसेवी संस्थाओं (NGO) के माध्यम से संचालित योजनाओं की गहन समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से योजनाओं के संचालन, उनकी गतिविधियों और अब तक की प्रगति पर विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का डिजिटलाइजेशन करते हुए एक मजबूत डेटा बेस तैयार किया जाए, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि NGO द्वारा किए जा रहे कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग बेहद जरूरी है ताकि योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने मिशन शक्ति के तहत संचालित सखी निवास योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि राज्य में कामकाजी महिलाओं का एक समग्र डेटा बेस जल्द तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि यह डेटा भविष्य की नीतियों और योजनाओं के निर्माण में सहायक होगा।
अधिकारियों ने बताया कि सखी निवास योजना के तहत कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आवास, डे-केयर सुविधाएं और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने शक्ति सदन योजना के संचालन में स्वयं सहायता समूहों (SHG) को जोड़ने की कार्ययोजना तैयार करने का भी निर्देश दिया, जिससे स्थानीय स्तर पर महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण बढ़े।
बैठक में मिशन वात्सल्य के अंतर्गत संचालित बाल गृहों, स्वपोषित संस्थानों और ओल्ड एज होम की कार्य प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और संवेदनशील वातावरण सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने निर्देश दिया कि इन संस्थानों में रहने वाले लाभार्थियों की नियमित निगरानी हो और उनकी जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने डिजिटल एवं ऑनलाइन एजुकेशन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बदलते समय में तकनीकी शिक्षा और डिजिटल माध्यमों का विस्तार बेहद जरूरी है।
बैठक में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, आश्रम विद्यालय, छात्रावास और पोषण योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इन विद्यालयों को आधुनिक संसाधनों से लैस किया जाए और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने नर्सिंग कॉलेज संचालन की योजना पर भी बल दिया और कहा कि नर्सिंग क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं, इसलिए युवाओं को इस दिशा में प्रशिक्षित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार की प्राथमिकता शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे।
उन्होंने यह भी कहा कि छात्रावासों में रहने वाले बच्चों के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण तैयार करना आवश्यक है। साथ ही योजनाओं की नियमित समीक्षा और मॉनिटरिंग को अनिवार्य बताया
इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य विभाग अजय कुमार सिंह, गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल, स्कूली शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह, कल्याण विभाग के सचिव कृपानंद झा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की इस समीक्षा बैठक से साफ है कि झारखंड सरकार योजनाओं को टेक्नोलॉजी आधारित, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। खासकर महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों के लिए चलाई जा रही योजनाओं को मजबूत करने पर सरकार का फोकस स्पष्ट नजर आता है।
