अप्रैल में ही जेठ जैसी तपिश, पलामू-गढ़वा समेत कई जिलों में लू का प्रकोप, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया हाई अलर्ट
झारखंड में भीषण गर्मी और लू का असर तेजी से बढ़ रहा है। कई जिलों में तापमान 44 डिग्री तक पहुंचने की आशंका है। स्वास्थ्य विभाग ने हीट वेव को लेकर चेतावनी जारी करते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
झारखंड में इस साल गर्मी ने समय से पहले ही अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। अप्रैल के महीने में ही लोगों को जेठ जैसी तपिश का सामना करना पड़ रहा है। सुबह होते ही सूरज की किरणें तेज हो जाती हैं और दोपहर तक गर्म हवाएं (लू) लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर रही हैं।
राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। सड़कें दोपहर में सुनसान नजर आ रही हैं और जरूरी काम के बिना लोग बाहर निकलने से बच रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, झारखंड के कई जिलों में स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। विशेष रूप से पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार और आसपास के इलाकों में हीट वेव का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है।
इन क्षेत्रों में तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना जताई गई है। लगातार बढ़ती गर्मी से लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
राजधानी रांची में भी पारा 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है और आने वाले दिनों में इसके और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने राज्यभर में अलर्ट जारी किया है। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि लू के कारण डिहाइड्रेशन (Dehydration) और हीट स्ट्रोक (Heat Stroke) का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।
विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। डॉक्टरों के अनुसार, लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
भीषण गर्मी से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कुछ महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं:
- ☀️ दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें
- 💧 अधिक से अधिक पानी और तरल पदार्थ का सेवन करें
- 👒 हल्के और ढीले कपड़े पहनें, सिर को ढककर रखें
- 🚫 खाली पेट घर से बाहर न निकलें
- 🧂 ओआरएस, नींबू पानी, छाछ का सेवन करें
- 🏥 चक्कर, उल्टी या तेज बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
राज्य प्रशासन ने भी स्थिति को देखते हुए सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों और सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।
लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
झारखंड में बढ़ती गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अप्रैल में ही 44 डिग्री तक पहुंचता तापमान चिंता का विषय बन गया है। ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही इस भीषण गर्मी से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।
