Saranda IED Blast : सारंडा के घने जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच 24 घंटे से मुठभेड़ जारी, IED विस्फोट से बढ़ा खतरा
Saranda IED Blast : झारखंड के सारंडा जंगल में IED ब्लास्ट और मुठभेड़ के बीच 6 जवान घायल, कोबरा बटालियन ऑपरेशन तेज, 1 करोड़ का इनामी नक्सली मिसिर बेसरा घिरा।
Saranda IED Blast : झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले स्थित सारंडा वन क्षेत्र एक बार फिर नक्सली हिंसा से दहल उठा है। पिछले 24 घंटों के दौरान सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच रुक-रुक कर मुठभेड़ जारी है। इस दौरान नक्सलियों द्वारा बिछाए गए आईईडी (Improvised Explosive Device) विस्फोट में कोबरा बटालियन-205 के इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश समेत कुल छह जवान घायल हो गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, यह पूरा इलाका लंबे समय से नक्सलियों का गढ़ रहा है, जहां अब सुरक्षा बलों ने बड़ा सर्च ऑपरेशन छेड़ रखा है।
गुरुवार को चड़राडेरा जंगल में तलाशी अभियान के दौरान एक जवान का पैर जमीन के नीचे छिपाए गए प्रेशर IED पर पड़ गया। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि जवान के पैर और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।
घायल जवान की हालत नाजुक होने के कारण तुरंत हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया गया। उसे रांची के खेलगांव हेलीपैड पर उतारकर सीधे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
इससे पहले बुधवार को मनोहरपुर के छोटानगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बलिबा जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच करीब साढ़े तीन घंटे तक मुठभेड़ चली थी।
इस दौरान हुए IED विस्फोट में कोबरा 205 बटालियन के इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश समेत पांच जवान घायल हुए थे। घायलों में शैलेश कुमार दुबे, उत्तम सेनापति, जितेंद्र कुमार राय और प्रेम कुमार शामिल हैं। इन सभी को एयरलिफ्ट कर रांची भेजा गया था।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यह पूरा ऑपरेशन कुख्यात नक्सली नेता मिसिर बेसरा को पकड़ने के लिए चलाया जा रहा है, जिस पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित है।
बताया जा रहा है कि सुरक्षाबलों ने लगभग 10 किलोमीटर के इलाके में नक्सलियों को घेर लिया है। खुफिया इनपुट के मुताबिक, इस इलाके में मिसिर बेसरा की मौजूदगी की संभावना है।
अधिकारियों का कहना है कि सारंडा क्षेत्र में नक्सलियों की संख्या अब 50 से भी कम रह गई है। लगातार दबाव के कारण वे हताशा में सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के लिए IED का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं।
यह रणनीति नक्सलियों की कमजोरी और उनके सीमित होते प्रभाव को भी दर्शाती है, लेकिन साथ ही सुरक्षाबलों के लिए खतरा भी बढ़ा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, देर रात तक जंगल में रुक-रुक कर फायरिंग जारी रही। हालांकि, नक्सलियों को हुए नुकसान की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।
सुरक्षाबल लगातार आगे बढ़ते हुए नक्सली कमांडर मिसिर बेसरा के दस्ते की घेराबंदी कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन खत्म होने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
सारंडा का यह ऑपरेशन नक्सलवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई में एक अहम मोड़ साबित हो सकता है। जहां एक ओर सुरक्षाबल लगातार दबाव बना रहे हैं, वहीं नक्सली IED जैसे खतरनाक हथकंडों का सहारा लेकर जवाब दे रहे हैं।
अब नजर इस बात पर है कि क्या सुरक्षा बल इस बार 1 करोड़ के इनामी मिसिर बेसरा को पकड़ने में सफल हो पाएंगे।
