Jharkhand: मोदी सरकार के कार्यकाल में झारखंड में रेलवे नेटवर्क का तेज विस्तार देखने को मिला है। पिछले 10 से 12 वर्षों में राज्य के कई ऐसे इलाके जहां कभी रेल की सीटी भी नहीं सुनी जाती थी, अब वहां ब्रॉड गेज ट्रैक और नियमित यात्री ट्रेनें पहुंच चुकी हैं। हजारीबाग, गिरिडीह, देवघर, गोड्डा और दुमका जैसे क्षेत्रों के साथ-साथ लातेहार, लोहरदगा, नेतरहाट और सिमडेगा-जमशेदपुर रूट पर भी रेल कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव हुआ है। इस विस्तार ने न केवल यात्रा को आसान बनाया है बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास को भी नई दिशा दी है।
हजारीबाग-कोडरमा-रांची रेल रूट बना गेम चेंजर, सफर हुआ आसान
कोडरमा-हजारीबाग-बरकाकाना-रांची रेल लाइन को इस बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। लगभग 211 किलोमीटर लंबे इस रूट को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया गया, जिसका उद्घाटन 2015 और 2016 के बीच हुआ। हजारीबाग अब सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ चुका है और वंदे भारत जैसी तेज ट्रेनों के जरिए पटना तक का सफर लगभग 6 घंटे में पूरा हो रहा है। पहले यही यात्रा लंबी और जटिल होती थी, लेकिन अब यह रूट यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा बन गया है और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आया है।
संथाल परगना में रेल विकास से पर्यटन और अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार
संताल परगना क्षेत्र में जसीडीह-दुमका-रामपुरहाट और हंसडीहा-गोड्डा रेल लाइन परियोजनाओं ने बड़ा बदलाव लाया है। 2021 में गोड्डा तक रेल सेवा शुरू होने के बाद इस क्षेत्र को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से सीधा जोड़ दिया गया। अब गोड्डा से नई दिल्ली तक हमसफर जैसी ट्रेनें चल रही हैं, जिससे यात्रियों को सीधी सुविधा मिल रही है। देवघर जैसे धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटन में भी वृद्धि हुई है। इससे स्थानीय बाजार, रोजगार और छोटे उद्योगों को भी नया जीवन मिला है।
सिमडेगा और अन्य क्षेत्रों में नई रेल परियोजनाओं से भविष्य की उम्मीदें बढ़ीं
झारखंड के सिमडेगा, गुमला और खूंटी जैसे क्षेत्रों में पहली बार रेल कनेक्टिविटी पहुंचाने की दिशा में काम तेजी से चल रहा है। प्रस्तावित परियोजनाओं में लोहरदगा-गुमला, गुमला-सिमडेगा और हटिया-खूंटी रेल लाइन शामिल हैं, जिनकी स्टडी पूरी हो चुकी है। इसके साथ ही रांची-लोहरदगा रूट से इन क्षेत्रों को जोड़ने की योजना भी बनाई जा रही है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कई स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, जिससे झारखंड की रेल व्यवस्था आधुनिक और मजबूत बनने की ओर अग्रसर है।
