Tata Motors ने अपने कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना यानी Voluntary Retirement Scheme (VRS) के तहत एक बड़ा ऐलान किया है। कंपनी के आदेश के अनुसार, वीआरएस लेने वाले कर्मचारियों को हर साल 1.50 लाख रुपये तक का मेडिकल लाभ मिलेगा, जो अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में चिकित्सा खर्चों के लिए उपयोग किया जा सकेगा। यह सुविधा योजना अपनाने के बाद 10 साल तक उपलब्ध रहेगी, जिससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को लंबे समय तक स्वास्थ्य सुरक्षा मिल सकेगी।
अस्पताल भर्ती से लेकर डे-केयर तक मिलेगा कवरेज
नई व्यवस्था के तहत यदि किसी कर्मचारी को 24 घंटे तक अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ती, तब भी डे-केयर इलाज जैसे मोतियाबिंद ऑपरेशन, डायलिसिस और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं के लिए इस स्कीम का लाभ मिलेगा। इसके अलावा हर वर्ष 2,000 रुपये तक का अतिरिक्त कवरेज छोटे इलाज या ओपीडी परामर्श के लिए भी दिया जाएगा। कंपनी का यह कदम कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद भी मेडिकल सुरक्षा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वित्तीय लाभ और शर्तों को लेकर स्पष्ट नियम
योजना के तहत यदि कोई कर्मचारी वीआरएस स्वीकार कर कंपनी से अलग होता है, तो वह भविष्य में किसी भी अन्य कंपनी स्कीम या पुनः रोजगार के लिए पात्र नहीं होगा। कर्मचारी को मिलने वाली राशि सीधे उनके बैंक खाते में जमा की जाएगी, जिसमें भविष्य निधि (PF) और अन्य लाभ भी शामिल होंगे। हालांकि, यदि कर्मचारी पर कंपनी का कोई ऋण या सहकारी समिति का बकाया है, तो उसकी कटौती अंतिम भुगतान से की जाएगी। खास बात यह है कि LIC या अन्य वित्तीय संस्थाओं के प्रीमियम या लोन की कटौती कंपनी नहीं करेगी।
परिवार और उत्तराधिकार को लेकर भी तय किए गए नियम
इस योजना में कर्मचारी की मृत्यु के बाद लाभार्थियों को लेकर भी स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं। यदि कर्मचारी की मृत्यु होती है, तो रिकार्ड के अनुसार पति या पत्नी को लाभ मिलेगा। इसके बाद यदि वे अलग हो चुके हों या अन्य स्थिति में हों, तो सबसे बड़ा बेटा (विवाहित बेटी को छोड़कर) 21 वर्ष की उम्र तक लाभार्थी रहेगा। इसके बाद अगला बच्चा इस सुविधा का लाभ ले सकेगा। अविवाहित कर्मचारियों के मामले में उनके माता-पिता को यह लाभ प्रदान किया जाएगा। यह व्यवस्था परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है।
