RC सिन्हा, देवघर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की 100 साल की यात्रा व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण की सतत साधना रही है। संघ शताब्दी वर्ष में अपनी पहुंच जन जन तक करने के लिए कड़ी दर कड़ी जोड़ते हुए आगे बढ़ रही है
सशक्त राष्ट्र का आधार संगठित, बलवान और संस्कारित समाज है। संघ ने भी शताब्दी वर्ष पर प्रबुद्ध लोगों के साथ जन गोष्ठी करके विचारों को विस्तार देने का प्रयास किया है
देश में विधानसभा और लोकसभा सीटों का क्षेत्रफल बढ़ने वाला है। भी संघ ने अपना दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव बनाया है। जो बाकी है। यह तय कर लिया है कि उसके परिसीमन का आकार क्या होगा
झारखंड की सरकार अलग है। संघ ने नए प्रस्ताव में झारखंड को तीन राज्यों में बांट दिया है। इसे संभाग कहते हैं। देवघर संघ के दृष्टिकोण से एक प्रमुख जिला बन गया है। धनबाद, जिम्मे संताल सहित गिरिडीह का मुख्यालय होगा
पहले बिहार और झारखंड शामिल थे। झारखंड अब एक अलग राज्य है। संघ सूत्रों की मानें तो नए परिसीमन की घोषणा दुर्गापूजा के बाद होगी
झारखंड को तीन संभाग में बांटा गया है। पहला रांची, दूसरा हजारीबाग और तीसरा देवघर होगा। देवघर अकेला एक संभाग यानि स्टेट की तरह होगा। इसमें 25 सदस्यों की कार्यकारिणी होगी
देवघर संभाग में संताल परगना के छह जिला और धनबाद, गिरिडीह आ गया। संघ के नए परिसीमन में देवघर और मधुपुर दो जिला हो गया
इसी तरह दुमका और बासुकीनाथ जिला। साहिबगंज, पाकुड़ और राजमहल जिला होगा। गोडडा, महगामा और जामताड़ा जिला बनाने का प्रस्ताव है
संघ ने अपने सौ वर्षों में हर वर्ग को शामिल करने के लिए अपना क्षेत्र बढ़ाया है। शहर की रचना को देखते हुए, निगम ने क्षेत्र को बस्ती में बांटने का प्रस्ताव बनाया है
देवघर नगर निगम में 36 वार्ड है इस 36 वार्ड को 16 बस्ती में बांटा गया है। इसी तरह मधुपुर के 23 वार्ड को नौ बस्ती में बांटा गया है। और सभी बस्ती में हिन्दू सम्मेलन होना है। जिसकी शुरूआत हो गयी है
जुलाई में देवघर में एक लाख युवाओं का सम्मेलन होगा। एक लाख युवाओं को जोड़ने की योजना को कई कार्यक्रमों के जरिये संपन्न किया जाएगा। देवघर के मोहनपुर हाट में शनिवार को और देवघर में रविवार को विराट हिन्दू सम्मेलन हो रहा है
