Jharkhand News: कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) गुमला द्वारा Gumla में विकास भारती बिशुनपुर के सहयोग से 6 से 8 अप्रैल तक वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में लातेहार जिले के कुल 59 किसानों ने भाग लिया और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से मधुमक्खी पालन की बारीकियों को समझा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक पद्धतियों से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि और स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना था।
विशेषज्ञों ने बताए मधुमक्खी पालन के लाभ और संभावनाएं
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञ अटल बिहारी तिवारी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि मधुमक्खी पालन वर्तमान समय में एक उभरता हुआ कृषि आधारित व्यवसाय है, जो कम लागत में अधिक लाभ प्रदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि इससे शहद, मधुमोम और रॉयल जेली जैसे मूल्यवान उत्पाद प्राप्त किए जा सकते हैं, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। साथ ही, मधुमक्खियां फसलों के परागण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जिससे तिलहन, दलहन, फल और सब्जी फसलों की पैदावार और गुणवत्ता में 20 से 70 प्रतिशत तक सुधार देखा जा सकता है।
तकनीकी पहलुओं और रोग नियंत्रण पर दिया गया प्रशिक्षण
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को मधुमक्खियों की विभिन्न प्रजातियों की पहचान, कॉलोनी प्रबंधन, रानी मधुमक्खी का महत्व, बॉक्स संचालन, मौसमी देखभाल और शहद निष्कर्षण की वैज्ञानिक विधियों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके अलावा मधुमक्खियों में लगने वाले प्रमुख रोगों और कीटों, विशेषकर वैरोआ माइट के नियंत्रण के उपायों पर भी विशेष ध्यान दिया गया। आधुनिक उपकरणों के उपयोग और स्वच्छता बनाए रखने की तकनीकों को भी व्यावहारिक रूप से समझाया गया, ताकि किसान अपने स्तर पर सुरक्षित और प्रभावी उत्पादन कर सकें।
व्यावहारिक सत्रों से किसानों को मिला प्रत्यक्ष अनुभव और प्रेरणा
प्रशिक्षण के दौरान व्यावहारिक सत्रों का आयोजन भी किया गया, जिसमें किसानों को मधुमक्खी कॉलोनी का निरीक्षण, बॉक्स संचालन, शहद निष्कर्षण और कॉलोनी विभाजन जैसी प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष अभ्यास कराया गया। विकास भारती बिशुनपुर के संयुक्त सचिव महेंद्र भगत ने इस अवसर पर कहा कि मधुमक्खी पालन ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन का एक सशक्त माध्यम बन सकता है। उन्होंने किसानों को प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने और अन्य किसानों को भी इस दिशा में प्रेरित करने का आह्वान किया, ताकि क्षेत्र में आर्थिक विकास को नई गति मिल सके।
