Jharkhand News: चैत्र नवरात्र की महानवमी के पावन अवसर पर शुक्रवार सुबह पूरा शहर भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। सोनारी सहित टुईलाडूंगरी गढ़ाबासा बागुनहातु और बागबेड़ा जैसे क्षेत्रों में सार्वजनिक जवारा पूजा का आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया। नवरात्र के नौ दिनों तक चलने वाले इस अनुष्ठान में माता के नौ रूपों की विधिवत पूजा की जाती है और हर दिन श्रद्धालु आस्था के साथ पूजा अर्चना में शामिल होते हैं। पहले दिन अखंड ज्योत प्रज्वलित की जाती है जिसे पूरे नौ दिनों तक निरंतर जलाए रखा जाता है और उसकी सेवा की जाती है। इस धार्मिक परंपरा के दौरान वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से भर जाता है और हर ओर भक्ति का माहौल देखने को मिलता है।
अखंड ज्योत और भोजली के साथ निकली भव्य शोभायात्रा
महानवमी के दिन जवारा पूजा के समापन पर भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है जिसमें श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ शामिल होते हैं। सोनारी स्थित श्री श्री सार्वजनिक उपकार संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 71 अखंड ज्योत प्रज्वलित किए गए थे। महिलाएं सिर पर अखंड ज्योत और भोजली लेकर कपाली स्थित स्वर्णरेखा घाट के लिए रवाना हुईं। शोभायात्रा के दौरान माता की विशाल प्रतिमाएं ट्रकों पर सुसज्जित थीं और आगे आगे श्रद्धालु जस गीतों की धुन पर नाचते गाते हुए चल रहे थे। पीछे पीछे महिलाएं सिर पर ज्योत लेकर पूरी श्रद्धा और संतुलन के साथ आगे बढ़ रही थीं। इस दृश्य ने पूरे वातावरण को एक आध्यात्मिक उत्सव में बदल दिया जहां हर ओर भक्ति और उत्साह का संगम देखने को मिला।
नदी घाट पर विधिवत विसर्जन और परंपराओं का निर्वहन
शोभायात्रा के अंत में श्रद्धालु स्वर्णरेखा नदी के कपाली घाट पहुंचे जहां बैगा और पंडा द्वारा विधिवत पूजा अर्चना की गई। इसके बाद अखंड ज्योत और भोजली का पारंपरिक रीति से विसर्जन किया गया। यह प्रक्रिया पूरी श्रद्धा और धार्मिक नियमों के अनुसार संपन्न की गई जिसमें सभी श्रद्धालु शांत और भावनात्मक माहौल में शामिल रहे। नौ दिनों तक चली साधना और पूजा के समापन के साथ ही यह आयोजन धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं का एक जीवंत उदाहरण बन गया। घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं ने माता से सुख शांति और समृद्धि की कामना की और इस अनुष्ठान को सफलतापूर्वक पूर्ण किया।
मनबोध बस्ती में पहली बार हुआ जवारा पूजा का आयोजन
इस वर्ष सोनारी स्थित मनबोध बस्ती में पहली बार जवारा पूजा का आयोजन किया गया जिससे स्थानीय लोगों में खास उत्साह देखा गया। श्री श्री सार्वजनिक मां भवानी जवारा पूजा समिति द्वारा 6 अखंड ज्योत प्रज्वलित किए गए थे। शुक्रवार सुबह लगभग 5 बजे समिति के सदस्य कपाली घाट पहुंचे जहां विधिवत पूजा अर्चना के बाद विसर्जन संपन्न हुआ। पहली बार हुए इस आयोजन को लेकर बस्ती के लोगों में विशेष श्रद्धा और उत्साह था और उन्होंने इसे अपनी नई धार्मिक परंपरा के रूप में अपनाने की शुरुआत की। इस आयोजन ने न केवल स्थानीय समुदाय को एकजुट किया बल्कि धार्मिक आस्था को और भी मजबूत किया।
