Jharkhand News: झारखंड की राजनीति के दिग्गज और पूर्व मुख्यमंत्री Babulal Marandi ने दुमका में एबीपी संवाददाता से खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने देश की राजनीति, वैश्विक संकट और कांग्रेस की कार्यशैली पर तीखा प्रहार किया। मरांडी ने स्पष्ट कहा कि बीजेपी ‘तुष्टीकरण’ नहीं बल्कि ‘संतुष्टीकरण’ की राजनीति करती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी योजनाएं जाति या धर्म के आधार पर नहीं बल्कि जरूरत के आधार पर बनाई जाती हैं और समान नागरिक संहिता (UCC) पर उनका रुख पूरी तरह न्यायसंगत है।
चुनावी राज्यों पर बाबूलाल मरांडी के दावे
मरांडी ने असम और पश्चिम बंगाल जैसे चुनावी राज्यों पर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि असम में हेमंत विश्वशर्मा के नेतृत्व में बीजेपी की वापसी तय है। पश्चिम बंगाल में जनता के संकेत बताते हैं कि इस बार वहां बीजेपी का कमल खिलने वाला है। उन्होंने साफ किया कि बीजेपी देश के लिए राजनीति करती है, हिंदू-मुस्लिम के लिए नहीं। विकास और जरूरत को ध्यान में रखते हुए ही पार्टी अपने फैसले लेती है और चुनावी रणनीति बनाती है।
आदिवासी और डिजिटल इंडिया पर मरांडी का नजरिया
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) द्वारा असम में आदिवासियों की राजनीति करने पर मरांडी ने पलटवार किया। उन्होंने याद दिलाया कि बीजेपी ने ही देश को पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति दी। साथ ही, अटल बिहारी वाजपेयी के समय आदिवासी मंत्रालय और संथाली भाषा को सम्मान मिला। आज मोदी जी के नेतृत्व में गांव-गांव बिजली और इंटरनेट पहुंच चुका है। मरांडी ने यह भी कहा कि कांग्रेस संसद में डिजिटल लेन-देन का मजाक उड़ाती थी, लेकिन आज दुनिया का लगभग 45% डिजिटल ट्रांजेक्शन भारत में होता है, जिससे भ्रष्टाचार कम हुआ और विपक्ष असहज है।
ईंधन संकट और कांग्रेस पर हमला
मरांडी ने इजरायल, ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव को लेकर ईंधन की कीमतों पर हो रही राजनीति पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में गैस की कमी नहीं है, लेकिन कांग्रेस पैनिक क्रिएट कर रही है। राहुल गांधी को पॉजिटिव राजनीति करने की सलाह देते हुए मरांडी ने कहा कि युद्ध रोकने के लिए मोदी जी शांति और वार्ता की बात कर रहे हैं, फंसे हुए भारतीयों को सुरक्षित निकाल रहे हैं, जबकि कांग्रेस भ्रम फैला रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी चुनावों में बीजेपी का मुद्दा ‘विकास और राष्ट्रवाद’ रहेगा, जबकि कांग्रेस संकट के समय भी नकारात्मक राजनीति करती रहेगी।
