Jharkhand News: केंद्र प्रायोजित योजना मिशन वात्सल्य के अंतर्गत झारखंड में विभिन्न संस्थाओं में रिक्त पदों पर अनुबंध पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत झारखंड बाल संरक्षण संस्था में लेखाधिकारी, लेखापाल और लेखा सहायक के एक-एक पदों पर नियुक्ति होगी। इसी तरह, राज्य दत्तक ग्रहण संसाधन अभिकरण में कार्यक्रम प्रबंधक और कार्यक्रम सहायक के एक-एक पद पर नियुक्ति की जाएगी। सभी पद अनारक्षित हैं और इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि और प्रक्रिया
इन पदों के लिए इच्छुक अभ्यर्थी झारखंड सरकार के आधिकारिक भर्ती पोर्टल recruitment.jharkhand.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 19 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों को ध्यान रखना होगा कि ऑनलाइन आवेदन करने के बाद किसी भी प्रकार की त्रुटि सुधार के लिए अंतिम तिथि से पहले ही संशोधन करना अनिवार्य है। विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि सभी आवेदन ऑनलाइन ही स्वीकार किए जाएंगे और निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आवेदन अस्वीकार किए जाएंगे।
सहायक आचार्य नियुक्ति मामले में झारखंड हाई कोर्ट की फटकार
वहीं, दूसरी ओर झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत में सहायक आचार्य नियुक्ति से संबंधित मामला चर्चा में रहा। सुनवाई के दौरान अदालत ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) को कड़ी फटकार लगाई और मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने सहायक आचार्य पद के लिए एक सीट आरक्षित रखने का भी आदेश दिया। इस याचिका को प्रार्थी विनोद कुमार साहू की ओर से दाखिल किया गया था।
प्रार्थी के टीईटी प्रमाणपत्र और नियुक्ति से वंचित होने का मामला
सुनवाई के दौरान प्रार्थी के अधिवक्ता चंचल जैन ने बताया कि उनके पास दो टीईटी प्रमाणपत्र हैं। वर्ष 2013 में प्रार्थी ने 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए थे, जबकि वर्ष 2016 के टीईटी में उनके अंक 60 प्रतिशत से कम थे। जेएसएससी ने 2016 के प्रमाणपत्र को आधार बनाकर प्रार्थी को नियुक्ति से वंचित रखा। प्रार्थी ने अदालत को यह भी बताया कि टीईटी प्रमाणपत्र की वैधता पहले केवल पांच वर्षों तक थी, लेकिन 2022 में इसे आजीवन मान्य कर दिया गया। इसके बावजूद, अनारक्षित श्रेणी के अंतिम चयनित अभ्यर्थी से अधिक अंक होने के बावजूद प्रार्थी को नियुक्ति नहीं दी गई।
