uangtogel

23 C
Delhi
Thursday, March 19, 2026
HomejharkhandJharkhand News: सरायकेला में स्कूल का छज्जा गिरा, बच्चे बाल-बाल बचकर बाहर...

Jharkhand News: सरायकेला में स्कूल का छज्जा गिरा, बच्चे बाल-बाल बचकर बाहर निकले

Jharkhand News: सरायकेला के खापरसाई प्राथमिक विद्यालय में मंगलवार, 17 मार्च को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। स्कूल भवन का बाहरी छज्जा अचानक गिर पड़ा। उस समय स्कूल में कुल 28 बच्चे मौजूद थे। गनीमत रही कि मध्यान्न भोजन की घंटी बजते ही बच्चे क्लासरूम से बाहर निकल चुके थे, वरना कोई बड़ी त्रासदी हो सकती थी। हालांकि इस हादसे में तीन बच्चियां—11 वर्षीय मुस्कान बारला, 9 वर्षीय रेशमी बारला और 7 वर्षीय सोनाली जामुदा—हल्की चोटों के साथ घायल हुईं। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया, लेकिन इस घटना ने बच्चों और अभिभावकों में भय का माहौल पैदा कर दिया है।

खुले में पढ़ाई: पेड़ के नीचे बिछाई गई दरी

हादसे के बाद स्कूल का माहौल पूरी तरह बदल गया है। अब बच्चों को मिड-डे मील के बाद क्लासरूम के बजाय स्कूल के बाहर पेड़ के नीचे बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। शिक्षिका भी दरी बिछाकर खुले में पढ़ाई कर रही हैं। अभिभावकों का कहना है कि जब तक भवन की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती, बच्चों को अंदर भेजना बेहद जोखिम भरा है। स्कूल के जर्जर भवन में पढ़ाई जारी रखना न केवल बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि उनकी पढ़ाई पर भी प्रतिकूल असर डाल सकता है।

पुराने भवन की जर्जर हालत और प्रशासन की अनदेखी

ग्रामीणों के अनुसार स्कूल भवन करीब 38-40 साल पुराना है और साल 1985 में बनाया गया था। इस दो कमरे के भवन की हालत बेहद खराब है। बरसात के मौसम में छत से पानी टपकता है, दीवारों का प्लास्टर गिरता रहता है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बावजूद बच्चे इस खतरनाक भवन में पढ़ाई के लिए मजबूर हैं। सबसे चिंता की बात यह है कि स्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापिका रेणु कुमारी पंडा ने 6 सितंबर 2025 को ही विभाग को भवन की जर्जर स्थिति की जानकारी देते हुए चेतावनी दी थी। उन्होंने स्कूल को दूसरी सुरक्षित जगह शिफ्ट करने की मांग भी की थी, लेकिन विभाग ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

जिम्मेदारों की उदासीनता पर ग्रामीणों में गुस्सा

हादसे के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। प्रभारी बीपीओ सांत्वना जेना भी देर से पहुंचीं। यह जानकार लोगों में भारी नाराजगी है। जिला स्तर के अधिकारी—उपायुक्त और जिला शिक्षा अधीक्षक—को भी इस घटना की जानकारी नहीं थी। अभिभावकों का सवाल है कि क्या बच्चों की जान इतनी सस्ती है कि चेतावनी के बावजूद प्रशासन नहीं जागता। फिलहाल खापरसाई स्कूल के बच्चे जर्जर भवन के साए में पढ़ाई करने को मजबूर हैं और उनके परिवारों में प्रशासन के प्रति गहरा गुस्सा और असुरक्षा की भावना बनी हुई है।

jnews
jnewshttp://jharkhandnews.com
नेहा यादव पिछले पाँच वर्षों से एक प्रतिभाशाली और समर्पित न्यूज़ आर्टिकल राइटर के रूप में काम कर रही हैं। उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर गहराई से शोध कर, समाचारों को सटीक और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अपना अनूठा अंदाज विकसित किया है। उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और आकर्षक है जिससे पाठकों को जानकारी समझने में आसानी होती है। नेहा हर दिन नवीनतम घटनाओं और विषयों पर अपडेट रहती हैं और उन्हें व्यापक दृष्टिकोण से दर्शाने का प्रयास करती हैं। उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें न्यूज़ वेबसाइट पर विश्वसनीय और सम्मानित लेखक बना दिया है। वे लगातार समाज के मुद्दों को उजागर करने और जागरूकता फैलाने में योगदान दे रही हैं।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments

https://gregabandoned.com/urbex/

slot jepang

slot27

sip777

agung11

barudak88

barudak88

slot bet 100

https://www.bbadgvc.com/

togel china

https://therealicyspot.com/is-italian-ice-healthier-than-ice-cream/ https://therealicyspot.com/is-italian-ice-keto-friendly/

hongkong slot

hongkong slot

mahjong slot

slot scatter hitam

slot777