Jharkhand News: शनिवार को कलेक्टरेट सभागार में National Commission for Women की ओर से महिलाओं की समस्याओं को सुनने के लिए एक विशेष जनसुनवाई आयोजित की गई। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता आयोग की चेयरपर्सन Vijaya Rahatkar ने की। इस दौरान कुल 24 मामलों की सुनवाई की गई और संबंधित पुलिस अधिकारियों को उचित कार्रवाई करने तथा रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। चेयरपर्सन ने बताया कि यह राष्ट्रीय महिला आयोग की 100वीं जनसुनवाई है। उन्होंने कहा कि आयोग खुद महिलाओं की आवाज सुनने के लिए यहां पहुंचा है ताकि उन्हें जमीनी स्तर पर न्याय मिल सके और महिलाएं सशक्त बन सकें।
अधिकारियों की मौजूदगी में सुनी गई शिकायतें
जनसुनवाई की कार्यवाही दोपहर दो बजे कलेक्टरेट सभागार में शुरू हुई। इस दौरान जिले के सभी थाना प्रभारियों, डीएसपी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों और विभिन्न आयोगों के सदस्य मौजूद रहे। चेयरपर्सन ने एक-एक कर सभी शिकायतकर्ताओं को बुलाया और उनकी समस्याएं संबंधित थाना अधिकारियों की मौजूदगी में सुनीं। अधिकारियों से मामले की पूरी जानकारी ली गई और जहां जरूरत महसूस हुई वहां तत्काल जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए गए। आयोग का उद्देश्य यह था कि महिलाओं को अपनी बात रखने के लिए एक सुरक्षित और प्रभावी मंच मिल सके।
संदिग्ध मौत के मामले में जांच के निर्देश
जनसुनवाई के दौरान नगर थाना क्षेत्र के हरनकुंडी की रहने वाली कल्पना झा ने अपनी बेटी रूणु झा की मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि दो जुलाई 2024 को उनके ससुराल वालों ने उनकी बेटी की हत्या कर शव को फांसी के फंदे से लटका दिया ताकि इसे आत्महत्या का रूप दिया जा सके। पुलिस ने जांच के बाद इसे आत्महत्या का मामला बताया था। हालांकि कल्पना झा ने कहा कि उनकी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती थी और यह साफ तौर पर हत्या का मामला है। उन्होंने पुलिस पर गंभीरता से जांच न करने का आरोप लगाया और न्याय की मांग की। इस पर चेयरपर्सन ने जांच अधिकारी से जानकारी ली और पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रिपोर्ट आयोग को सौंपने का निर्देश दिया।
पुलिस उत्पीड़न और अन्य मामलों पर भी हुई सुनवाई
जनसुनवाई में कई अन्य मामलों पर भी चर्चा हुई। शिकारीपाड़ा की फातिमा बीबी ने आरोप लगाया कि पड़ोसी उन्हें शांतिपूर्वक रहने नहीं दे रहे हैं और लगातार परेशान कर रहे हैं। वहीं हंसडीहा की प्रियंका कुमार ने अपने ससुराल वालों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। इसके अलावा काठीकुंड के तेलियाचक बाजार की पिंकी देवी ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों ने बिना किसी कारण उनके पति को दुकान से बाहर खींचकर पीटा और विरोध करने पर उन्हें भी मारा गया। इस मामले में थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपित एएसआई को निलंबित कर दिया गया है। चेयरपर्सन ने कहा कि कोई भी व्यक्ति कानून को अपने हाथ में नहीं ले सकता और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है।
