Jharkhand: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने असम विधानसभा चुनाव के मद्देनजर झारखंड के नौ वरिष्ठ नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। इन नेताओं को असम में कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन और चुनाव प्रचार की कमान दी गई है। झारखंड एआईसीसी प्रभारी के. राजू द्वारा जारी पत्र में यह बताया गया है कि असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई के अनुरोध पर इन नेताओं का चयन किया गया है। इन नेताओं को जल्द ही अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
चयनित नेताओं की सूची में शामिल नाम और उनके अनुभव
इस प्रचार अभियान में शामिल नेताओं में सांसद सुखदेव भगत, झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की का नाम है। इसके साथ ही वरिष्ठ विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव, विधायक ममता देवी, रामचंद्र सिंह, सोना राम सिंकू और नमन विक्सल कोंगाड़ी को भी असम भेजा गया है। इसके अलावा झारखंड प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष और रांची की पूर्व मेयर रमा खलखो भी इस महत्वपूर्ण मिशन में शामिल हैं। इन नेताओं के अनुभव और सक्रियता को ध्यान में रखते हुए उन्हें असम के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में प्रचार की जिम्मेदारी दी गई है।
असम कांग्रेस और झारखंड मुख्यमंत्री का सक्रिय योगदान
असम विधानसभा चुनाव में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। असम कांग्रेस के नेताओं की रांची में उनसे मुलाकात हो चुकी है। इस बैठक में दोनों दलों के बीच सहयोग और जेएमएम से तालमेल पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन और राजनीतिक अनुभव के आधार पर प्रचार अभियान में रणनीतिक निर्णय लेने की योजना बनाई जा रही है। इस सक्रिय भागीदारी से असम में कांग्रेस प्रत्याशियों को मजबूती मिलने की संभावना बढ़ गई है।
प्रचार अभियान का उद्देश्य और रणनीति
झारखंड के नेताओं को असम में भेजकर कांग्रेस पार्टी का उद्देश्य यह है कि स्थानीय नेताओं और वरिष्ठ नेताओं की मदद से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में प्रभावी प्रचार किया जा सके। नेताओं को असम के मतदाताओं के बीच पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों की जानकारी देने, मतदाता संपर्क बढ़ाने और पार्टी की ताकत को बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई है। इस अभियान के तहत राजनीतिक रैलियों, जनसभाओं और क्षेत्रीय बैठकों के माध्यम से पार्टी की मौजूदगी और संदेश को व्यापक स्तर पर फैलाने की योजना है।
