Jharkhand News: झारखंड में संताल परगना का पहला ग्रीन हाईवे प्रोजेक्ट अब पूरी तरह तैयार हो गया है। यह 52 किलोमीटर लंबा मार्ग वर्ल्ड क्लास सुविधाओं से लैस है। प्रत्येक किलोमीटर पर हाई रेज़ोल्यूशन कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी 24 घंटे मॉनिटरिंग टोल प्लाजा के कंट्रोल रूम से की जाएगी। प्रोजेक्ट के पहले चरण में हंसडीहा से महगामा के बीच चार लेन का हाईवे बनकर तैयार हो गया है। शुक्रवार को महगामा-हंसडीहा खंड पर टोल का शुभारंभ किया जाएगा।
देवघर-बासुकीनाथ फोरलेन का निर्माण अप्रैल तक पूरा होगा
प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में देवघर से बासुकीनाथ धाम तक फोरलेन सड़क का निर्माण चल रहा है। एनएचएआई के जीएम (तकनीक) विजय कुमार ने बताया कि इस मार्ग का 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और अप्रैल तक इसे पूरी तरह operational किया जाएगा। साहिबगंज में गंगा पुल का निर्माण भी प्रगति पर है, जो झारखंड को बिहार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस फोरलेन के निर्माण से क्षेत्रीय यातायात और तीर्थयात्रियों के लिए यात्रा आसान और सुरक्षित होगी।
एटीएमएस और क्यूआर कोड जैसी आधुनिक सुविधाएँ
हंसडीहा-महगामा हाईवे प्रोजेक्ट में देशभर में पहली बार एडवांस टेक्नोलॉजी मॉनिटरिंग सिस्टम (एटीएमएस) लगाया गया है। सड़क पर लगे कैमरों से किसी भी दुर्घटना, वाहन खराबी या सुरक्षा खतरे की जानकारी तुरंत टोल पर मौजूद एंबुलेंस और क्रेन को मिल जाएगी। इसके अलावा प्रत्येक पांच किलोमीटर पर क्यूआर कोड स्कैनर लगाए गए हैं। यात्रियों द्वारा इसे स्कैन करने पर पास के पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट, गैराज, अस्पताल और अन्य सेवाओं की जानकारी तुरंत मिल जाएगी। प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रभात रंजन पांडेय ने बताया कि यह सुविधा मार्च तक चालू हो जाएगी।
प्रोजेक्ट की कुल लागत और निर्माण विवरण
इस हाईवे प्रोजेक्ट का कुल लंबाई 51.825 किलोमीटर है और लागत 976 करोड़ रुपये है। इसमें 6 प्रमुख पुल, 12 छोटे पुल, 65 नई पुलिया और 36 पुलियों का पुनर्निर्माण शामिल है। बाईपास की लंबाई 22.485 किलोमीटर है और टोल प्लाजा भी बनाया गया है। झारखंड में 12 हजार करोड़ की 16 परियोजनाओं में 600 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है। संताल के दो प्रोजेक्टों में हंसडीहा-महगामा प्रोजेक्ट लगभग समाप्त हो चुका है, जबकि देवघर-बासुकीनाथ फोरलेन 45 किलोमीटर लंबा है और अप्रैल तक पूरा होने की उम्मीद है।
