Jharkhand News: झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के सोनुवा थाना क्षेत्र का एक 20 वर्षीय युवक 13 साल बाद अपने परिवार से मिलने जा रहा है। यह युवक जब केवल सात साल का था, तब एक ट्रेन में चढ़ने के दौरान अपने परिवार से बिछड़ गया था। अब राज्य पुलिस की एक टीम केरल जाएगी, ताकि वह युवक अपने परिवार के साथ पुनर्मिलन कर सके। पुलिस की इस मानवीय पहल की राज्य और स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है। परिवार के अनुसार, यह घटना 13 साल पहले हुई थी और तब उनका बच्चा सिर्फ सात साल का था।
पश्चिम सिंहभूम पुलिस करेगी युवक को वापस लाने की तैयारी
पश्चिम सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने बताया कि उन्हें यह जानकारी एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) की ओर से मिली। एनजीओ ने युवक राजा गोपे के मामले की जानकारी दी, जो बचपन में लापता हो गया था। पुलिस ने उसके परिवार का पता लगा लिया है और सभी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद युवक को वापस लाने के लिए केरल की ओर टीम भेजी जाएगी। यह टीम सुनिश्चित करेगी कि युवक सुरक्षित रूप से अपने घर लौटे और परिवार के साथ पुनर्मिलन हो सके।
कैसे मिली यह महत्वपूर्ण जानकारी?
पुलिस उपाधीक्षक विनोद कुमार और सोनुआ थाने के प्रभारी अधिकारी शशि बाला भेंगरा ने मिलकर इस मामले में कार्रवाई की। उन्होंने केरल के कन्नूर जिले में स्थित बाल कल्याण समिति (CWC) से संपर्क किया, जहां गोपे वर्तमान में ‘आफ्टर केयर’ केंद्र में रह रहा है। इस सहयोग से यह सुनिश्चित किया गया कि युवक सुरक्षित रूप से झारखंड पहुंचे। इसके अलावा केरल भेजी जाने वाली टीम में सोनुआ थाने के प्रतिनिधि और पश्चिम सिंहभूम जिले के बाल संरक्षण अधिकारी भी शामिल होंगे।
13 साल बाद मिलने की खुशी और पुलिस की मानवीय पहल
राजा गोपे के परिवार के लिए यह पुनर्मिलन अत्यंत खुशी का पल होगा। 13 साल पहले बिछड़ने के बाद परिवार ने कई सालों तक अपने बेटे को खोजने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। अब पुलिस की इस पहल से परिवार का सपना पूरा होने जा रहा है। पुलिस की यह कार्रवाई न केवल मानवीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समाज में न्याय और मानवता की भावना को भी दर्शाती है। इस प्रकार, 13 साल की दूरी और मुश्किलों के बाद गोपे अपने परिवार के पास लौट पाएंगे।

