Jharkhand News: ग्वालियर-चौपारण मार्ग की खतरनाक दनुआ घाटी क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन सड़क हादसा हुआ। बुधवार को हुए हादसे में 36 वर्षीय अजित कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी गर्भवती पत्नी बीटी देवी, 2.5 वर्षीय बेटी प्रियांशी, छोटे भाई संदीप कुमार और कार चालक रामू साव गंभीर रूप से घायल हुए। सभी घायल मरीजों को तुरंत अरोघ्याम अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से लगभग आधे घंटे की मशक्कत के बाद सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
हादसे का विवरण और गाड़ी की स्थिति
आकस्मिक जानकारी के अनुसार, बिहार से आ रहे परिवार की कार अचानक ट्रैक्टर से टकरा गए ट्रेलर में जा घुसी। ट्रेलर और ट्रैक्टर के बीच हुई टक्कर से अचानक ब्रेकिंग हुई, जिससे पीछे आ रही कार का संतुलन बिगड़ा और कार सीधे ट्रेलर से भिड़ गई। टक्कर इतनी भयंकर थी कि कार पूरी तरह कुचल गई और सभी सवार अंदर फंस गए। पुलिस अधिकारी सरोज सिंह चौधरी ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य का नेतृत्व किया। गंभीर घायल मरीजों को हज़ारीबाग रेफर किया गया ताकि उन्हें बेहतर इलाज मिल सके।
दनुआ घाटी की खतरनाक सड़कें और ट्रैफिक स्थिति
दनुआ घाटी पिछले दो दशकों से सड़क हादसों का हॉटस्पॉट रही है। यहां अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन एनएचएआई द्वारा इस खतरनाक क्षेत्र में कोई ठोस पहल नहीं की गई। हादसे के बाद लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिसे पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद सामान्य किया। दुर्घटनाग्रस्त कार को क्रेन की मदद से हटाया गया। गौरतलब है कि मंगलवार को इसी जगह एक कोयला लदा ट्रक पलट गया था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
केंदुआ टर्न पर दूसरा हादसा और सुरक्षा की जरूरत
इसी रास्ते के केंदुआ टर्न के पास बुधवार को बाइक और ट्रेलर की टक्कर में 2 लोग घायल हो गए। इचक ब्लॉक के चेतु कुमार और अरुण कुमार बाइक से चौपारण की ओर जा रहे थे कि ट्रेलर ने उन्हें टक्कर मार दी। बाइक ट्रेलर के नीचे फंस गई, जिससे ड्राइवर भाग नहीं सका। स्थानीय लोगों की मदद से घायल दोनों को सामुदायिक अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया। दनुआ घाटी के खतरनाक मोड़ और ढलान आज भी जीवन के लिए घातक बने हुए हैं।

