Jharkhand News: धनबाद नगर निगम चुनाव में मेयर पद के उम्मीदवारों को चुनाव आयोग ने अधिकतम 25 लाख रुपये खर्च करने की अनुमति दी है। मतदान 23 फरवरी को होना निर्धारित है। केवल छह दिन शेष रहते हुए मेयर उम्मीदवार अपने चुनावी खर्च का विवरण खर्च पर्यवेक्षक को जमा करना शुरू कर चुके हैं। इस प्रक्रिया के तहत उम्मीदवारों को हर खर्च का लेखा-जोखा चुनाव आयोग के समक्ष प्रस्तुत करना अनिवार्य है। इससे चुनाव में पारदर्शिता बनी रहेगी और निर्धारित सीमा से अधिक खर्च करने पर कार्रवाई की जाएगी।
सबसे अधिक और सबसे कम खर्च के आंकड़े
अब तक के आंकड़ों के अनुसार, पूर्व मेयर Indu Devi ने सबसे अधिक राशि, 14.96 लाख रुपये खर्च की है। वहीं भाजपा समर्थित उम्मीदवार Sanjeev Kumar ने सबसे कम, केवल 5.27 लाख रुपये खर्च किए हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) समर्थित उम्मीदवार Chandrashekhar Agarwal ने 9.59 लाख रुपये खर्च किए हैं। वहीं, झरिया विधायक Ragini Singh के पति और बीजेपी से बगावत कर मैदान में उतरे Sanjeev Singh ने 6.46 लाख रुपये और KK पॉलिटेक्निक के निदेशक Ravi Chaudhary ने 6.59 लाख रुपये खर्च किए हैं। बाकी 23 उम्मीदवारों ने अब तक अपना खर्च विवरण जमा नहीं किया है।
पूर्व मेयर इंदु देवी का चुनावी सफर
विशेष ध्यान देने वाली बात यह है कि इंदु देवी धनबाद की पहली मेयर रही हैं। उन्होंने 2010 में महिला आरक्षित सीट पर चुनाव जीतकर यह पद संभाला था। 2015 में मेयर का पद OBC आरक्षित होने के कारण उन्होंने चुनाव से नाम वापस ले लिया था। इस बार सीट सामान्य श्रेणी की होने के कारण इंदु देवी फिर से चुनाव मैदान में हैं। उनके चुनावी अनुभव और पहचान को देखते हुए उनके समर्थकों का मानना है कि वे इस बार भी मजबूत दावेदार हैं।
उम्मीदवारों के खर्च और चुनावी रणनीति
उम्मीदवारों द्वारा अब तक किए गए खर्च से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि कौन उम्मीदवार अपने प्रचार पर अधिक जोर दे रहे हैं और कौन सीमित संसाधनों में चुनाव लड़ रहे हैं। चुनाव आयोग द्वारा खर्च सीमा का पालन करना अनिवार्य है और हर उम्मीदवार को अपने खर्च की सही जानकारी देना जरूरी है। आगामी छह दिनों में उम्मीदवार अपने खर्च को बढ़ा सकते हैं और प्रचार में अंतिम प्रयास करेंगे। इस बार का चुनाव धनबाद नगर निगम के लिए बेहद निर्णायक माना जा रहा है क्योंकि कई अनुभवी और नए चेहरे मैदान में हैं।

