Jharkhand में शिक्षकों और अकादमिक स्टाफ के प्रशिक्षण को मजबूत करने के लिए झारखंड स्टेट फैकल्टी डेवलपमेंट एकेडमी को क्रियाशील करने की कवायद तेजी पकड़ रही है। इसे उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत झारखंड राज्य उच्च शिक्षा परिषद के जिम्मे दिया गया है। विभाग का लक्ष्य इस संस्थान को जल्द ही पूर्ण रूप से सक्रिय करना है ताकि राज्य के शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षकों और कर्मचारियों की क्षमता विकास के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा सकें।
अस्थायी पदों पर नियुक्तियां और प्रतिनियुक्ति
अस्थायी व्यवस्था के तहत एकेडमी में सभी आवश्यक पदों को प्रोन्नति से भरा जा रहा है। इनमें संयुक्त निदेशक, महाप्रबंधक, सेंटर को-आर्डिनेटर और प्रशासी पदाधिकारी जैसे पद शामिल हैं। इन पदों पर विश्वविद्यालयों के प्राध्यापक, सह प्राध्यापक और सहायक प्राध्यापक को तीन वर्ष के लिए प्रतिनियुक्त किया जा रहा है। इस कदम से सुनिश्चित किया जाएगा कि संस्थान के संचालन और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में अनुभवी और योग्य शिक्षकों की भागीदारी रहे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम और उद्देश्य
विभाग की योजना अगले शैक्षणिक सत्र से इंडक्शन प्रोग्राम, रिफ्रेशर कोर्स, फैकल्टी डवलपमेंट और क्षमता विकास जैसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की है। यह एकेडमी राज्य और राज्य के बाहर के शिक्षकों एवं अकादमिक स्टाफ को आधुनिक शिक्षण तकनीक, शोध और प्रशासनिक दक्षता में प्रशिक्षित करेगी। फिलहाल इसका अस्थायी कार्यालय रांची के नामकोम स्थित झारखंड तकनीकी विश्वविद्यालय कैंपस में स्थापित किया गया है। इसका उद्देश्य विश्वविद्यालयों, अंगीभूत कॉलेजों, इंजीनियरिंग और पालीटेक्निक संस्थानों के शिक्षकों व कर्मचारियों की क्षमता को मजबूत बनाना है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत महत्व
इस एकेडमी का गठन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के दिशा-निर्देशों के तहत किया गया है और इसे महाराष्ट्र की स्टेट फैकल्टी डवलपमेंट एकेडमी के मॉडल पर विकसित किया गया है। अब तक झारखंड में शिक्षकों और अन्य कर्मियों के प्रशिक्षण के लिए कोई विशेषज्ञ संस्थान नहीं था। एकेडमी राज्य के साथ-साथ अन्य राज्यों के शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षकों और कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण दे सकेगी। इसके साथ ही विभिन्न राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों को नॉलेज पार्टनर बनाया गया है ताकि कार्यक्रमों की गुणवत्ता और प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सके।
