Ranchi Mayor Election: रांची में मेयर पद के लिए चुनावी जंग शुरू हो चुकी है और इस बार मैदान में उतरे ज्यादातर उम्मीदवार व्यवसायी हैं। शपथ पत्रों के अनुसार कुल 19 उम्मीदवारों में अधिकतर ने अपना पेशा व्यवसाय बताया है। इसके अलावा बिल्डर, ठेकेदार, वकील, किसान और राजनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़े दावेदार भी चुनावी मैदान में हैं। खास बात यह है कि इन उम्मीदवारों में सिर्फ नौ ग्रेजुएट और तीन पोस्ट ग्रेजुएट हैं, जबकि अधिकांश का शिक्षा स्तर कम है। यह चुनाव शहर की राजनीतिक और सामाजिक दिशा दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
व्यवसायी और बिल्डर का दबदबा, शपथ पत्रों से हुआ खुलासा
शपथ पत्रों के अनुसार मेयर पद के लिए नामांकन करने वाले विनोद बढ़ाईक, सोनू खलखो और सुजीत कुमार कच्छप ने खुद को बिल्डर बताया है। वहीं सुजीत विजय आनंद कुंदर ठेकेदारी पेशे से जुड़े हैं, जबकि देवी दयाल मुंडा वकालत पेशा रखते हैं। इसके अलावा कैथरीन तिर्की, रमा खलखो, सुरेंद्र लिंडा, संजय कुमार टोप्पो जैसे कई उम्मीदवारों ने अपना पेशा व्यवसाय बताया है। इनमें से कुछ निजी व्यवसायी हैं, जबकि कुछ कृषि और राजनीति क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं। इस चुनाव में व्यवसायियों की बढ़ती हिस्सेदारी ने राजनीति में आर्थिक ताकत के महत्व को स्पष्ट कर दिया है।
शिक्षा स्तर और विविध पृष्ठभूमि के उम्मीदवार
रांची नगर निगम के मेयर पद के लिए मैदान में उतरे 19 उम्मीदवारों में शिक्षा के मामले में एक मिश्रित तस्वीर नजर आती है। इनमें से नौ उम्मीदवार ग्रेजुएट हैं, जबकि तीन मास्टर्स डिग्री धारक हैं। इसके अलावा एक मैट्रिक पास, एक नौंवी, एक आठवीं कक्षा पास और चार आईटीआई पास उम्मीदवार भी शामिल हैं। यह दर्शाता है कि शिक्षा के विभिन्न स्तरों के लोग इस चुनाव में हिस्सा ले रहे हैं। शिक्षा की विविधता के बावजूद, राजनीतिक और व्यवसायी प्रभाव इस चुनाव को बेहद प्रतिस्पर्धी बना रहा है।
राजनीतिक दलों के साथ-साथ व्यवसायी और किसान भी मजबूत दावेदार
इस बार के मेयर चुनाव में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि तो मैदान में हैं ही, साथ ही बिल्डर, ठेकेदार, व्यवसायी और किसान भी मजबूत दावेदारी कर रहे हैं। रौशनी खलखो, रामलखन मुंडा, सुनील फकीरा कच्छप और राम शरण तिर्की जैसे कई उम्मीदवार भी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय हैं। इस चुनाव में पारंपरिक राजनीति के अलावा आर्थिक ताकत और व्यवसायिक पृष्ठभूमि भी निर्णायक भूमिका निभाएगी। इसलिए इस चुनाव को रांची की भविष्य की विकास दिशा के लिए अहम माना जा रहा है।

