Jharkhand News: केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री सूर्या घर योजना के तहत 10 गांवों को चुना है, जिन्हें सोलर गांव के रूप में विकसित किया जाएगा। इन गांवों में हाजीपुर, लखी सज्जनपुर, गंगा प्रसादपुर, जोंका, सरफराजगंज, बेगमगंज, जामनगर, श्रीधर, मिर्जापुर और पलासबोना शामिल हैं। इन गांवों के बीच एक प्रतियोगिता भी होगी जिसमें विजेता गांव को सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये का पुरस्कार मिलेगा। इस योजना का उद्देश्य गांवों को स्वच्छ और ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाना है।
इस योजना का लक्ष्य गांवों को विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा के आदर्श उदाहरण के रूप में विकसित करना है। इसके अंतर्गत गांव के सभी सरकारी भवन जैसे स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, पंचायत भवन आदि को सौर ऊर्जा से जोड़ा जाएगा। छतों पर सोलर सिस्टम, सोलर पंप, सोलर स्ट्रीट लाइट और सामुदायिक सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाएंगे ताकि गांववासियों को 24 घंटे स्वच्छ और भरोसेमंद बिजली उपलब्ध हो सके। इस योजना से ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति सशक्त होगी क्योंकि उन्हें अब बिजली बिलों या सिंचाई के लिए डीजल या बिजली पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
पीएम कुसुम योजना के तहत जिला कृषि विभाग की एटीएमए परियोजना के माध्यम से किसानों को 2 एचपी, 3 एचपी और 5 एचपी के सौर पंप सेट प्रदान किए जा रहे हैं। इन पर 5,000, 7,000 और 10,000 रुपये की सब्सिडी मिलती है। किसान अपनी जरूरत के अनुसार पंप सेट का चयन करते हैं और अपनी हिस्सेदारी जेआरईडीए को जमा करते हैं, बाकी राशि कंपनी देती है जो पंप सेट मुहैया कराती है। अब तक 160 ऑनलाइन आवेदन आए हैं, जिनमें से 119 किसानों ने रुचि जताई है और 35 किसानों ने अपनी हिस्सेदारी जमा कर दी है। किसान इन पंप सेटों का उपयोग सिंचाई के साथ-साथ घरेलू बिजली उत्पादन के लिए भी कर सकते हैं।
सूर्या घर योजना बिजली विभाग द्वारा लागू की जा रही है, जिसमें अब तक केवल चार लाभार्थियों को कवर किया गया है। पीएम कुसुम योजना के तहत ग्रामीण किसान आगे आ रहे हैं और प्रयास किए जा रहे हैं कि चयनित दस गांवों के अधिक से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठा सकें। डिस्टिक्ट कृषि अधिकारी प्रमोद एक्का के अनुसार यह योजना किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो रही है क्योंकि वे सिंचाई और घरेलू बिजली के खर्चों से मुक्त हो सकेंगे। इस पहल से गांवों की ऊर्जा जरूरतें स्वच्छ स्रोतों से पूरी होंगी और ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी। सरकार इस योजना को तेजी से लागू कर ग्रामीणों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में जुटी है।
