Jharkhand News: झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा इलाके से 2 जनवरी को लापता हुए पांच वर्षीय अंश और चार वर्षीय अंशिका को आखिरकार 14 जनवरी को रामगढ़ जिले के चितरपुर स्थित अहमदनगर पहाड़ी इलाके से सकुशल बरामद कर लिया गया। बच्चे एक दंपति द्वारा छिपाए गए थे जो बिहार के औरंगाबाद के रहने वाले और बच्चा चोरी के बुलगुलिया गिरोह से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बच्चों को रांची वापस लाया गया है, जहां उनका परिवार बेसब्री से उनका इंतजार कर रहा था। इस कामयाबी में पुलिस की विशेष जांच टीम की मेहनत के साथ-साथ बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की मिली हुई सूचना निर्णायक साबित हुई।
अंश और अंशिका दोपहर करीब 3 बजे अपने घर से बिस्किट खरीदने निकले थे, लेकिन लौटकर नहीं आए। परिवार ने धुर्वा थाने में तुरंत लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। शुरुआती दिनों में कोई सुराग नहीं मिला, लेकिन पुलिस ने एसएसपी राकेश रंजन के नेतृत्व में 40 सदस्यों वाली विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित कर दी। टीम ने 5,000 से अधिक मोबाइल नंबरों की जांच और 2,000 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाली। इस बीच आरोपी दंपति ने रामगढ़ के चितरपुर में एक एस्बेस्टस मकान का कमरा किराए पर लिया था और खुद को पति-पत्नी बताकर छिपे थे। पुलिस के डर से वे बिहार नहीं जा सके और बच्चों को यहीं छुपाए रखा।
सोशल मीडिया पर खबर वायरल होने के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता सचिन, डब्ल्यू साहू, सुनील कुमार, अंशु आदि ने आसपास के इलाकों में खोजबीन शुरू की। उनकी सूचना पर पुलिस को अहमदनगर से बच्चों के मिलने की खबर मिली। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर दंपति को गिरफ्तार किया और बच्चों को सुरक्षित कब्जे में लिया। इस घटना के बाद इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई। राजनीतिक पार्टियों और सामाजिक संगठनों ने भी मामले को गंभीरता से लिया और बच्चे की सुरक्षा के लिए समर्थन व्यक्त किया। एनसीपीसीआर ने भी मामले का संज्ञान लेकर रिपोर्ट मांगी।
पुलिस ने बताया कि आरोपी दंपति बुलगुलिया गिरोह से जुड़े घुमंतू जीवन जीते हैं और बच्चा चोरी में सक्रिय हैं। वे बच्चों को बिहार के औरंगाबाद लेकर जाकर बेचने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस की सख्ती से वे नाकाम रहे। फिलहाल मामले की जांच जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी दंपति यहां कैसे पहुंचे और उनकी पूरी साजिश क्या थी। पुलिस परिवार को हरसंभव सुरक्षा देने के लिए तैयार है और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त कदम उठा रही है। इस घटना ने बच्चा चोरी गिरोहों की सक्रियता और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिन्हें अधिकारियों ने प्राथमिकता से हल करने का भरोसा दिया है।

