Jharkhand News: जामशेदपुर के अवध डेंटल कॉलेज और अस्पताल पर अपने बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (BDS) कोर्स में छात्रों को मनमाने ढंग से दाखिला देने का आरोप लगा है। इस मामले में झारखंड राज्य सरकार ने कॉलेज प्रबंधन को शो-कॉज़ नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि 2025-26 शैक्षणिक सत्र के लिए 68 BDS सीटों पर रोक के बावजूद कॉलेज ने एक ही दिन में इन सीटों पर छात्रों को नियमित नियमों की अवहेलना करते हुए दाखिला दिया। राज्य सरकार ने कॉलेज से पूछा है कि क्यों न इसके ‘एसेंशियलिटी सर्टिफिकेट’ को रद्द किया जाए।
स्वास्थ्य विभाग के उप सचिव रणजीत लोहरा द्वारा जारी नोटिस में बताया गया है कि मेडिकल काउंसलिंग कमिटी (MCC), नई दिल्ली ने NEET (UG) 2025 के तहत स्ट्रे वैकेंसी राउंड के लिए 21 नवंबर को अंतिम तिथि निर्धारित की थी। इसके बाद झारखंड सरकार ने 13 नवंबर को केंद्र सरकार को इस प्रक्रिया को एक सप्ताह बढ़ाने का अनुरोध किया था, जिस पर झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता बोर्ड (JCECEB) ने वैकेंसी राउंड की तिथि टाल दी। इस बीच अवध मेडिकल कॉलेज ने बताया कि 19 नवंबर तक ऑनलाइन काउंसलिंग के माध्यम से 32 छात्रों को दाखिला दिया गया था, लेकिन 20 नवंबर को ही 68 शेष सीटों पर भी छात्रों का दाखिला पूरा कर लिया गया।
इस पूरे घटनाक्रम से स्पष्ट होता है कि कॉलेज ने एक ही दिन में 68 सीटों पर छात्रों को योजनाबद्ध तरीके से दाखिला दिया, जो कि बोर्ड द्वारा जारी स्टे ऑर्डर का उल्लंघन है। झारखंड संयुक्त प्रवेश बोर्ड ने यह भी सूचित किया है कि स्ट्रे वैकेंसी राउंड के दौरान कॉलेज ने एक ऐसे उम्मीदवार को भी दाखिला नहीं दिया जो बोर्ड द्वारा सिफारिश किया गया था। स्वास्थ्य विभाग ने कॉलेज से कहा है कि वे यह बताएं कि क्यों न उनके इस गैरकानूनी कार्य के लिए कॉलेज का एसेंशियलिटी सर्टिफिकेट रद्द कर दिया जाए।
वहीं कॉलेज प्रबंधन ने इन आरोपों से इनकार किया है। अवध डेंटल कॉलेज के निदेशक डॉ. के. एन. पी. सिंह ने बताया कि दाखिले किसी भी प्रकार की अनियमितता के बिना तीसरे काउंसलिंग राउंड के बाद खाली रह गई सीटों पर ही किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में राज्य सरकार को भी पत्र भेजा गया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके अलावा, कॉलेज ने सरकार के शो-कॉज़ नोटिस का जवाब भी प्रस्तुत कर दिया है। अब यह मामला प्रशासन और कॉलेज के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है और आगे की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी कि इस मामले में क्या कार्रवाई की जाएगी।
