Jharkhand Crime News: चक्रधरपुर रेलवे डिवीजन के वरिष्ठ डिविजनल सिक्योरिटी कमिश्नर पी. शंकर कुट्टी के निर्देशन में रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) की फ्लाइंग स्क्वाड ने शुक्रवार रात देर से टाटानगर रेलवे स्टेशन पर एक बड़ी कार्रवाई की। इस अभियान में दो गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया गया और उनसे कुल 6.8 किलो गांजा बरामद हुआ। इस महत्वपूर्ण छापे ने रेलवे परिसर में ड्रग तस्करी को रोकने के प्रयासों को मजबूती प्रदान की है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शर्मा यादव और सत्यनारायण सहनी के रूप में हुई है, जो पश्चिम चंपारण जिले के रूपाही तांड इलाके के निवासी बताए जा रहे हैं। RPF सूत्रों के अनुसार, दोनों आरोपी समलेश्वरि एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 18006 से ओडिशा से टाटानगर आए थे। वे गांजा लेकर पटना होते हुए पश्चिम चंपारण जाने की योजना बना रहे थे, लेकिन रेलवे सुरक्षा बल की टीम ने उन्हें इस कुख्यात ड्रग तस्करी से पहले पकड़ लिया।
यह कार्रवाई RPF के ‘ऑपरेशन नारकोस’ के तहत की गई, जिसका उद्देश्य रेलवे परिसरों और ट्रेनों में ड्रग तस्करी को प्रभावी रूप से रोकना है। इस अभियान के तहत कई बार ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस बार बरामद गांजा और तस्करों की गिरफ्तारी से रेलवे सुरक्षा बल की सक्रियता और तत्परता उजागर हुई है। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि गिरफ्तार तस्कर अनुभवी अपराधी हैं और उनका संबंध पश्चिम बंगाल, बिहार और ओडिशा के अन्य गांजा तस्करों से है।
रेलवे सुरक्षा बल ने दोनों आरोपियों को टाटानगर रेलवे पुलिस स्टेशन को सौंप दिया है ताकि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके। रेलवे पुलिस उनके कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि इस गांजा तस्करी के नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके। इस जांच से क्षेत्र में ड्रग तस्करी की जटिलताओं को समझने और बड़ी गिरोहों को समाप्त करने में मदद मिलने की उम्मीद है। रेलवे सुरक्षा बल के इस अभियान से यह संदेश भी गया है कि रेलवे परिसर में अपराध के खिलाफ कड़ी निगरानी और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
