झारखंड के कोडरमा में स्थित कोडरमा थर्मल पावर स्टेशन (केटीपीएस) के एक यूनिट को विशेष मरम्मत के लिए आगामी 35 दिनों तक बंद रखा जाएगा। बुधवार शाम से 1000 मेगावाट क्षमता वाले इस पावर प्लांट के दो यूनिट्स में से 500 मेगावाट क्षमता वाला एक यूनिट बंद कर दिया गया है। यह कदम तकनीकी खामियों और आवश्यक मरम्मत को देखते हुए उठाया गया है। इससे सीधे तौर पर 500 मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित होगा।
केटीपीएस की यह समस्या केवल झारखंड तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि देश के अन्य राज्यों की बिजली आपूर्ति पर भी इसका असर पड़ेगा। केटीपीएस ग्रिड के माध्यम से झारखंड को लगभग 600 मेगावाट बिजली की आपूर्ति होती है। शेष उत्पादन राष्ट्रीय ग्रिड के जरिए अन्य राज्यों को भेजा जाता है। इसके अलावा झुमरी तिलैया शहर को प्लांट से सीधे 25 मेगावाट बिजली गौशाला सर्विस स्टेशन के माध्यम से मिलती है, जिस पर भी अप्रत्यक्ष रूप से प्रभाव पड़ने की आशंका है।
अधिकारियों का कहना है कि यूनिट में जरूरी तकनीकी सुधार और मरम्मत कार्य लंबे समय से लंबित थे, जिन्हें इस बार प्राथमिकता देते हुए बंद किया गया है। हालांकि, इस दौरान बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच असंतुलन होने की संभावना बनी रहेगी। खासतौर पर झारखंड में पीक आवर के दौरान लोडशेडिंग की आशंका जताई जा रही है।
झारखंड विद्युत निगम लिमिटेड भी कोडरमा जिले में 10 दिसंबर से 25 दिसंबर तक विशेष मरम्मत कार्य के कारण बिजली आपूर्ति में कटौती कर रहा है। ऐसे में अगले 35 दिन राज्य और कोडरमा जिले के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं।
ठंड के मौसम के कारण इस समय बिजली की मांग थोड़ी कम है, इसलिए मरम्मत का यह समय चुना गया है। बावजूद इसके उपभोक्ताओं को आने वाले दिनों में बिजली संकट से जूझना पड़ सकता है।

