रांची के नामकुम थाना क्षेत्र में रेलवे ग्रुप डी भर्ती परीक्षा के दौरान एक गंभीर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक सत्यापन के वक्त लालू कुमार उर्फ अनीश कुमार को पकड़ लिया गया, जो बिहार के गया जिले का रहने वाला है। यह युवक अपने जीजा जवाहर प्रसाद की जगह परीक्षा देने आया था। उसने खुद को असली अभ्यर्थी बताकर परीक्षा में शामिल होने की कोशिश की, लेकिन उसकी चालाकी पकड़ में आ गई।
परीक्षा के दौरान जब बायोमेट्रिक जांच हुई, तो आरोपी के फिंगरप्रिंट और आवेदन में दर्ज बायोमेट्रिक डेटा मैच नहीं हुआ। यह असमानता देखकर परीक्षा केंद्र के स्टाफ को शक हुआ और तुरंत प्रशासन को सूचित किया गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए युवक को हिरासत में लिया और पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह भी पता लगाने की कोशिश हो रही है कि कहीं यह फर्जीवाड़ा अकेला मामला तो नहीं, या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह तो नहीं है। पुलिस ने साफ कहा है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
यह घटना रेलवे भर्ती परीक्षा में बायोमेट्रिक जांच और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत को फिर से साबित करती है। प्रशासन ने कहा है कि परीक्षा की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए ऐसे कड़े कदम भविष्य में भी जारी रहेंगे।
इस घटना से साफ है कि कोई भी छोटा-मोटा अपराध परीक्षा की गरिमा को नहीं गिरा सकता।

