झारखंड के दुमका जिले के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SNMMCH) में एमबीबीएस कोर्स की एक छात्रा का दाखिला फर्जी अनुसूचित जनजाति (ST) प्रमाणपत्र जमा करने के आरोप में रद्द कर दिया गया है। अधिकारियों ने बुधवार को इसकी पुष्टि की। छात्रा का दाखिला काउंसलिंग प्रक्रिया के बाद किया गया था, लेकिन छात्रा के उपनाम ‘दत्ता’ के कारण दस्तावेजों की सत्यता पर संदेह उत्पन्न हुआ था।
अस्थायी प्रवेश और जांच प्रक्रिया
छात्रा को शर्तों के साथ अस्थायी रूप से प्रवेश दिया गया था, जिसके बाद मामले की जांच शुरू कराई गई। 10 नवंबर को कार्यपालक मजिस्ट्रेट को छात्रा के मूल निवास स्थान गोड्डा भेजा गया ताकि वहां के दस्तावेजों की सत्यता की जांच हो सके। जांच में यह पाया गया कि छात्रा ने जनजातीय वर्ग के लिए निर्धारित आरक्षण कोटा में दाखिला पाने के लिए फर्जी प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया था।

दाखिला रद्द और कानूनी कार्रवाई की सिफारिश
जांच के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने छात्रा का दाखिला रद्द कर दिया है। इसके साथ ही उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी सिफारिश की गई है ताकि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई का संदेश दिया जा सके। यह कदम मेडिकल कॉलेज में दाखिला प्रक्रिया की पारदर्शिता और आरक्षण व्यवस्था की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फर्जी दस्तावेजों पर बढ़ती कार्रवाई
हाल के वर्षों में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में फर्जी प्रमाणपत्रों का मामला बढ़ा है। इससे आरक्षण प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। प्रशासन और शिक्षा विभाग ने इस तरह की कड़ाई से जांच और कड़ी कार्रवाई को प्राथमिकता दी है ताकि वास्तविक योग्य उम्मीदवारों को मौका मिले और सिस्टम का दुरुपयोग न हो।
आगे की कार्यवाही और सावधानी
मेडिकल कॉलेज और राज्य प्रशासन ने इस घटना से सबक लेते हुए दाखिला प्रक्रिया को और अधिक सख्त बनाने की योजना बनाई है। दस्तावेजों की जांच के लिए तकनीकी सहायता और स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय बढ़ाया जाएगा ताकि भविष्य में इस तरह की धोखाधड़ी पर अंकुश लग सके।

