uangtogel

23 C
Delhi
Thursday, June 11, 2026
HomejharkhandJharkhand News : झारखंड को मैन्युफैक्चरिंग हब और नॉलेज इकोनॉमी बनाने का...

Jharkhand News : झारखंड को मैन्युफैक्चरिंग हब और नॉलेज इकोनॉमी बनाने का संकल्प, नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रखा विकास का रोडमैप

Jharkhand News : नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड के खनिज संसाधनों को मानव पूंजी से जोड़ने, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और खेल क्षेत्र में व्यापक सहयोग की मांग की।

Jharkhand News : नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड को केवल खनिज उत्पादक राज्य नहीं बल्कि मैन्युफैक्चरिंग हब और नॉलेज इकोनॉमी के रूप में विकसित करने का विजन प्रस्तुत किया। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, डिजिटल गवर्नेंस, कृषि और खेल क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियों को साझा करते हुए केंद्र सरकार से कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं।

नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड के समग्र विकास की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए राज्य को खनिज संपदा आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़ाकर मैन्युफैक्चरिंग और नॉलेज इकोनॉमी का केंद्र बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा तभी सार्थक होगी जब उसका लाभ राज्य के लोगों को मिले और संसाधनों को मानव पूंजी के साथ जोड़ा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड को केवल खनिज निकालने वाले राज्य के रूप में देखने की पुरानी सोच बदलनी होगी। राज्य में उपलब्ध खनिज संसाधनों का स्थानीय स्तर पर वैल्यू एडिशन हो, उद्योग स्थापित हों और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें, यही सरकार की प्राथमिकता है।

क्रिटिकल मिनरल्स और उद्योगों को बढ़ावा देने पर जोर

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से क्रिटिकल मिनरल्स आधारित उद्योगों के विकास में सहयोग की मांग की। उन्होंने टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन एनर्जी, लॉजिस्टिक्स और एग्रो-फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश आकर्षित करने की आवश्यकता बताई। साथ ही एआई आधारित मिनरल एक्सप्लोरेशन और सस्टेनेबल माइनिंग प्रैक्टिसेज को बढ़ावा देने पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि झारखंड को उद्योग और रोजगार का नया केंद्र बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है और इस दिशा में केंद्र सरकार के सहयोग और मार्गदर्शन की आवश्यकता है।

आंगनबाड़ी और पोषण अभियान की उपलब्धियां

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 38 हजार आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें से लगभग 15 हजार केंद्रों के पास अभी भवन नहीं हैं। इसके बावजूद पोषण अभियान और SAAMAR कार्यक्रम के जरिए कुपोषण में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।

उन्होंने कहा कि बच्चों को प्रतिदिन अंडा उपलब्ध कराया जा रहा है तथा राज्य सरकार अपने संसाधनों से 5 हजार नए आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण करा रही है।

शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव

हेमंत सोरेन ने कहा कि सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। इन विद्यालयों से अब छात्र IIT और मेडिकल संस्थानों में चयनित हो रहे हैं। राज्य सरकार 5 हजार उत्कृष्ट विद्यालय विकसित करने के लक्ष्य पर काम कर रही है।

उन्होंने केंद्र सरकार से झारखंड में पीएम श्री विद्यालयों और केंद्रीय विद्यालयों की संख्या बढ़ाने तथा NCERT का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने का अनुरोध किया।

कौशल विकास और रोजगार पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हर वर्ष एक लाख से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ रही है। सारथी योजना के तहत अब तक 6.76 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), ड्रोन और सोलर टेक्नोलॉजी जैसे भविष्य के क्षेत्रों के लिए तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा 53 हजार महिलाओं को आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया गया है।

ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर जोर

स्वास्थ्य क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने पंचायत स्तर तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि राज्य में 1276 दवा दुकानें ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित हो रही हैं।

साथ ही मेडिकल कॉलेजों में यूजी और पीजी सीटों की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की गई। राज्य सरकार एआई आधारित डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार करने की दिशा में भी काम कर रही है।

खेलों में झारखंड की बढ़ती पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के खिलाड़ी हॉकी, फुटबॉल और एथलेटिक्स में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने झारखंड में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की मांग उठाई।

साथ ही खेल संघों में पारदर्शिता और सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

कृषि और पोषण को जोड़ने की पहल

बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 10 लाख से अधिक पोषण वाटिकाएं विकसित की गई हैं। इसके अलावा 1.5 लाख एकड़ भूमि में फलदार पौधों का रोपण किया गया है।

उन्होंने कहा कि झारखंड का आम अब अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच रहा है और कृषि को कुपोषण से लड़ने के प्रभावी माध्यम के रूप में विकसित किया जा रहा है।

डिजिटल गवर्नेंस और डेटा इंटेलिजेंस पर काम

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार एआई आधारित सीएम डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म विकसित कर रही है। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पर भी तेजी से काम चल रहा है।

उन्होंने केंद्र सरकार से डेटा शेयरिंग प्रक्रिया को और अधिक समयबद्ध बनाने का आग्रह किया तथा डीबीटी में पारदर्शिता और डिजिटल धोखाधड़ी रोकने के लिए सहयोग मांगा।

केंद्र सरकार से रखी गई प्रमुख मांगें

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन की शेष 6000 करोड़ रुपये की राशि शीघ्र जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने कोयला कंपनियों पर बकाया 1.36 लाख करोड़ रुपये के भुगतान का मुद्दा भी उठाया।

इसके अलावा DMFT मानकों में संशोधन, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को सरल बनाने, शिक्षा योजनाओं के एकीकरण, PPP मोड पर प्रस्तावित दो मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति, खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी का अवसर और DVC, CCL तथा ECL प्रभावित क्षेत्रों में आधारभूत संरचना विकास के लिए भूमि संबंधी प्रक्रियाओं को सरल बनाने की मांग की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य के साथ झारखंड को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और उद्योग आधारित विकास मॉडल पर आगे बढ़ रही है, जिससे राज्य देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत पहचान बना सके।

jnews
jnewshttp://jharkhandnews.com
घा सिन्हा एक समर्पित और प्रतिभाशाली कंटेंट राइटर, वेबसाइट अपडेटर और डिजिटल हैंडलर हैं, जो बीते कई वर्षों से न्यूज़ और डिजिटल मीडिया क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। वे विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर गहराई से शोध कर सटीक, संतुलित और प्रभावी लेखन प्रस्तुत करती हैं। उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और पाठकों को सहज रूप से जोड़ने वाली है, जिससे जटिल खबरें भी आसानी से समझी जा सकती हैं। इसके साथ ही मेघा वेबसाइट मैनेजमेंट, कंटेंट अपडेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म हैंडलिंग में भी दक्ष हैं। वे नियमित रूप से वेबसाइट को अपडेट रखने, खबरों को समय पर प्रकाशित करने और कंटेंट की गुणवत्ता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उनकी मेहनत, लगन और प्रोफेशनल अप्रोच ने उन्हें एक भरोसेमंद और प्रभावशाली मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है, जो समाज में जागरूकता फैलाने के लिए निरंतर कार्यरत हैं।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments

https://gregabandoned.com/urbex/

slot jepang

slot27

sip777

agung11

barudak88

barudak88

slot bet 100

https://www.bbadgvc.com/

togel china

https://therealicyspot.com/is-italian-ice-healthier-than-ice-cream/ https://therealicyspot.com/is-italian-ice-keto-friendly/

hongkong slot

hongkong slot

mahjong slot

slot scatter hitam

pgsoft

slot qris

https://www.octhaimassage.com/services slot 4d

spaceman