EPFO Higher Pension : उच्चतर पेंशन योजना के तहत ईपीएफओ ने फिर जारी किया डिमांड नोटिस, अतिरिक्त राशि के साथ ब्याज भी जमा करना होगा; दूसरी ओर टीएसडीपीएल में 650 कर्मचारियों का वेतन समझौता अब भी लंबित
EPFO Higher Pension Scheme के तहत टाटा स्टील कर्मचारियों को दूसरी बार डिमांड नोटिस मिला है। कंपनी के लेखा विभाग द्वारा वेतन विवरण में हुई त्रुटि के कारण कर्मचारियों को अतिरिक्त राशि और ब्याज जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, टीएसडीपीएल में लंबित वेतन समझौते को लेकर यूनियन और प्रबंधन के बीच तनाव बढ़ता नजर आ रहा है।
टाटा स्टील के कर्मचारियों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की उच्चतर पेंशन योजना को लेकर एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में कर्मचारियों को दूसरी बार डिमांड नोटिस जारी किया गया है। इस नोटिस में कर्मचारियों से अतिरिक्त राशि के साथ ब्याज जमा करने को कहा गया है। इस पूरे मामले की वजह कंपनी के लेखा विभाग द्वारा वेतन विवरण प्रस्तुत करने में हुई त्रुटि बताई जा रही है।
उच्चतर पेंशन योजना के तहत कर्मचारी अपनी वास्तविक वेतन राशि के आधार पर अधिक पेंशन प्राप्त करने के पात्र होते हैं। इसके लिए कर्मचारियों को कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में अतिरिक्त अंशदान जमा करना पड़ता है। इसी प्रक्रिया के तहत ईपीएफओ कर्मचारियों को डिमांड नोटिस जारी कर आवश्यक राशि की जानकारी देता है।
वेतन विवरण में गलती से बढ़ी कर्मचारियों की परेशानी
सूत्रों के अनुसार, टाटा स्टील ने पहले कर्मचारियों का वेतन विवरण अक्टूबर 2025 तक का प्रस्तुत किया था। इसी आधार पर ईपीएफओ ने पहली डिमांड राशि निर्धारित की थी। लेकिन बाद में रिकॉर्ड की दोबारा जांच के दौरान पाया गया कि कई कर्मचारियों की ईपीएस से वास्तविक निकासी तिथि दिसंबर 2025 थी।
इसके बाद नवंबर और दिसंबर 2025 के वेतन विवरण को पुनः शामिल कर गणना की गई। पुनर्मूल्यांकन के बाद कर्मचारियों को अंतर राशि जमा करने के लिए दूसरा डिमांड नोटिस जारी किया गया। इस संशोधित गणना के तहत कई कर्मचारियों को लगभग 33,042 रुपये की अतिरिक्त राशि के साथ ब्याज मिलाकर 33,723 रुपये तक जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
डिमांड ड्राफ्ट जमा करते समय रखें इन बातों का विशेष ध्यान
ईपीएफओ द्वारा स्पष्ट किया गया है कि बकाया राशि का भुगतान क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त, जमशेदपुर के पक्ष में डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से करना होगा। हालांकि, कई कर्मचारी दस्तावेजी प्रक्रिया को लेकर असमंजस में हैं।
डिमांड ड्राफ्ट जमा करते समय कर्मचारियों को ड्राफ्ट के पीछे निम्नलिखित जानकारी स्पष्ट रूप से लिखनी होगी—
- कर्मचारी का पूरा नाम
- पावती संख्या (Acknowledgement Number)
- यूएएन (UAN) नंबर
- पीपीओ (PPO) नंबर
- मोबाइल नंबर
इसके अलावा, जमा किए जाने वाले सभी दस्तावेजों का टाटा स्टील प्रबंधन द्वारा सत्यापन (Verification) भी अनिवार्य किया गया है। यदि दस्तावेज अधूरे या सत्यापित नहीं पाए जाते हैं तो प्रक्रिया में देरी हो सकती है।
कर्मचारियों में बढ़ी चिंता
दूसरी बार डिमांड नोटिस जारी होने के बाद कर्मचारियों के बीच चिंता का माहौल है। कई कर्मचारियों का कहना है कि कंपनी की ओर से वेतन विवरण में हुई गलती का वित्तीय बोझ अब कर्मचारियों पर पड़ रहा है। कर्मचारियों को न केवल अतिरिक्त राशि जमा करनी पड़ रही है बल्कि उस पर ब्याज का भुगतान भी करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि उच्चतर पेंशन योजना में शामिल कर्मचारियों को सभी दस्तावेजों और भुगतान प्रक्रिया की सावधानीपूर्वक जांच करनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी या वित्तीय परेशानी का सामना न करना पड़े।
TSDPL में वेतन समझौते को लेकर बढ़ा विवाद
इधर, टाटा स्टील डाउनस्ट्रीम प्रोडक्ट्स लिमिटेड (TSDPL) में लंबित वेतन समझौते को लेकर भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कंपनी के सीएचआरओ करण लखानी और यूनियन नेताओं के बीच हाल ही में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी।
बैठक के दौरान कर्मचारी सुविधाओं और ग्रेड रिवीजन से जुड़े मुद्दों पर प्रबंधन और यूनियन के बीच तीखी बहस हुई। बताया जा रहा है कि यूनियन के महामंत्री त्रिदेव सिंह बैठक के दौरान भोजन अवकाश के लिए बाहर गए और उसके बाद बैठक में वापस नहीं लौटे। हालांकि, उन्होंने इस तरह की किसी भी नाराजगी या विवाद की घटना से इनकार किया है।
सूत्रों के अनुसार, उनकी अनुपस्थिति के कारण प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारियों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। बाद में यूनियन अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय और अन्य पदाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद बातचीत को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
650 कर्मचारियों का वेतन समझौता अब भी लंबित
गौरतलब है कि टीएसडीपीएल के लगभग 650 कर्मचारियों का वेतन समझौता 1 अक्टूबर 2023 से लंबित है। लंबे समय से समझौता नहीं होने के कारण कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। यूनियन लगातार प्रबंधन से जल्द समाधान निकालने की मांग कर रही है।
कर्मचारियों का मानना है कि बढ़ती महंगाई और आर्थिक दबाव के बीच वेतन समझौते में देरी उनके हितों को प्रभावित कर रही है। ऐसे में आगामी बैठकों पर सभी कर्मचारियों की नजरें टिकी हुई हैं।
एक ओर ईपीएफओ की उच्चतर पेंशन योजना के तहत टाटा स्टील कर्मचारियों को अतिरिक्त राशि और ब्याज जमा करने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर टीएसडीपीएल में लंबित वेतन समझौता कर्मचारियों की चिंता बढ़ा रहा है। आने वाले दिनों में दोनों मामलों में होने वाले फैसले हजारों कर्मचारियों के भविष्य और आर्थिक हितों पर सीधा असर डाल सकते हैं।
