Tamil Nadu Live Updates : TVK को मिला कांग्रेस, CPI, CPI(M) और VCK का समर्थन, बहुमत का आंकड़ा पार
Tamil Nadu Live Updates : तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) प्रमुख थलापति विजय को राज्यपाल ने सरकार बनाने का न्योता दे दिया है। कांग्रेस, CPI, CPI(M) और VCK के समर्थन के बाद विजय शनिवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
तमिलनाडु की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है। फिल्म अभिनेता से नेता बने थलापति विजय अब तमिलनाडु के अगले मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) को कांग्रेस, CPI, CPI(M) और VCK जैसे दलों का समर्थन मिलने के बाद सरकार बनाने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। राज्यपाल ने विजय को सरकार बनाने का न्योता दे दिया है और शनिवार को उनके शपथग्रहण की तैयारी तेज हो गई है।
चेन्नई में शुक्रवार को पूरे दिन राजनीतिक हलचल तेज रही। टीवीके प्रमुख विजय अपने आवास से निकलकर लोक भवन पहुंचे, जहां उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। इस मुलाकात के बाद विजय के मुख्यमंत्री बनने की तस्वीर लगभग साफ हो गई। विजय के आवास और पार्टी मुख्यालय के बाहर हजारों समर्थक जश्न मनाते दिखाई दिए। ढोल-नगाड़ों, पटाखों और नारों के बीच समर्थकों ने इसे “नए तमिलनाडु की शुरुआत” बताया।
तमिलगा वेट्री कजगम ने इस चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटें हासिल की हैं। हालांकि बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत थी और पार्टी इससे 10 सीट पीछे रह गई थी। लेकिन कांग्रेस के पांच विधायकों के समर्थन के बाद TVK का आंकड़ा 113 तक पहुंच गया। इसके बाद CPI, CPI(M) और VCK ने भी समर्थन देने का फैसला किया, जिससे विजय के नेतृत्व वाले गठबंधन की संख्या 119 तक पहुंच गई और बहुमत का आंकड़ा पार हो गया।
CPI(M) नेता यू. वासुकी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनकी पार्टी और CPI ने राज्य समिति की बैठक के बाद TVK को बाहर से समर्थन देने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि जब विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पेश किया जाएगा, तब उनकी पार्टियां विजय सरकार के पक्ष में मतदान करेंगी। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वामपंथी दल सरकार में शामिल नहीं होंगे और केवल बाहर से समर्थन देंगे।
यू. वासुकी ने आगे कहा कि धर्मनिरपेक्षता, राज्यों के अधिकार और जनता की एकता जैसे मुद्दों पर उनकी पार्टी हमेशा उन ताकतों के साथ खड़ी रहेगी जो लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि तमिलनाडु की जनता ने बदलाव के लिए वोट दिया है और लोकतंत्र में जनता के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए।
वहीं CPI के प्रदेश सचिव वीरपांडियन ने कहा कि TVK ने सरकार गठन को लेकर CPI, CPI(M) और VCK से संपर्क किया था। इसके बाद सभी दलों ने आंतरिक बैठक कर समर्थन देने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक बदलाव सामान्य प्रक्रिया है और जनता ने इस बार विजय की पार्टी को सबसे बड़ी ताकत के रूप में चुना है।
इस बीच TVK के करीबी सूत्रों ने उन खबरों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर राज्यपाल को सरकार बनाने का निर्देश देने की मांग की थी। पार्टी सूत्रों का कहना है कि विजय ने पूरी प्रक्रिया संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाई है।
तमिलनाडु की राजनीति में पहली बार चुनाव लड़ते हुए TVK का सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरना अपने आप में बड़ी राजनीतिक घटना मानी जा रही है। लंबे समय से द्रविड़ राजनीति के दो बड़े दलों के बीच सिमटी राजनीति में विजय की एंट्री ने नया समीकरण खड़ा कर दिया है। युवाओं और पहली बार वोट करने वाले मतदाताओं के बीच विजय की लोकप्रियता चुनाव में साफ दिखाई दी।
राजनीतिक गलियारों में AIADMK और TVK के बीच चल रही बातचीत भी चर्चा का विषय बनी हुई है। खबरों के मुताबिक पुडुचेरी के एक रिजॉर्ट में दोनों दलों के नेताओं के बीच बैठक हुई थी। हालांकि अब कांग्रेस और वाम दलों के समर्थन के बाद विजय की सरकार लगभग तय मानी जा रही है। इसके बावजूद आने वाले दिनों में तमिलनाडु की राजनीति में कई नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं।
विजय की शपथग्रहण समारोह को लेकर चेन्नई में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी विजय के समर्थन में लगातार पोस्ट किए जा रहे हैं और उनके समर्थक इसे “जनता की जीत” बता रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद तमिलनाडु की राजनीति में नई दिशा देखने को मिल सकती है। फिल्मी दुनिया से राजनीति में आए विजय ने कम समय में जिस तरह जनता के बीच अपनी पहचान बनाई है, वह तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। अब सभी की नजर शनिवार को होने वाले शपथग्रहण समारोह और नई सरकार के गठन पर टिकी हुई है।
