Jharkhand Ethanol Tanker Accident : देवरी थाना क्षेत्र में सुबह 3 बजे हुआ हादसा, होटल बंद, घरों में चूल्हा जलाने पर रोक—प्रशासन अलर्ट मोड में
Jharkhand Ethanol Tanker Accident : गिरिडीह के नेकपुरा गांव के पास एथेनॉल से भरा टैंकर पलटने से इलाके में हड़कंप मच गया। आग लगने के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए और लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।
Jharkhand Ethanol Tanker Accident : झारखंड के गिरिडीह जिले में रविवार तड़के एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एथेनॉल से भरा एक टैंकर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। यह घटना देवरी थाना क्षेत्र के जमुआ–देवघर मुख्य मार्ग पर नेकपुरा गांव के पास सुबह करीब 3 बजे हुई। टैंकर में लगभग 40 हजार लीटर अत्यधिक ज्वलनशील एथेनॉल भरा हुआ था, जो हादसे के बाद सड़क किनारे बहने लगा।
मिली जानकारी के अनुसार, टैंकर बिहार शरीफ से एथेनॉल लेकर गिरिडीह की ओर जा रहा था। इसी दौरान नेकपुरा गांव के पास विपरीत दिशा से आ रहे एक वाहन ने अचानक सामने आकर टैंकर को चकमा दे दिया। इससे चालक का संतुलन बिगड़ गया और वह वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। नतीजतन, टैंकर सड़क किनारे पलट गया।
हादसे में टैंकर चालक सत्येंद्र यादव, जो बक्सर जिले के ब्रह्मपुर का निवासी बताया जा रहा है, को मामूली चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों की मदद से उसे प्राथमिक उपचार दिया गया।
टैंकर में भरा एथेनॉल अत्यधिक ज्वलनशील होता है, जिससे आग लगने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। हादसे के बाद एथेनॉल सड़क किनारे बहने लगा, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि समय रहते कोई चिंगारी या आग नहीं लगी, जिससे एक बड़ा विस्फोट टल गया।
घटना की सूचना मिलते ही देवरी थाना प्रभारी श्वेता कुमारी और एसआई उपेंद्र यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इलाके को घेराबंदी कर सुरक्षित किया।
सुरक्षा के मद्देनज़र प्रशासन ने कई अहम कदम उठाए—
- नेकपुरा मोड़ के पास चल रहे सभी लाइन होटलों को तुरंत बंद कराया गया
- आसपास के घरों में चूल्हा या आग जलाने पर रोक लगा दी गई
- लोगों को घटनास्थल से दूर रहने की हिदायत दी गई
हादसे के बाद सड़क पर यातायात बाधित हो गया और मार्ग को अस्थायी रूप से वन-वे कर दिया गया। इसके बाद अग्निशमन विभाग को मौके पर बुलाया गया। साथ ही हाइड्रा मशीन और क्रेन की मदद से पलटे हुए टैंकर को सीधा करने का काम शुरू किया गया।
करीब 10 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर लगभग 1 बजे टैंकर को सीधा किया गया और सड़क से हटाया गया। इसके बाद धीरे-धीरे यातायात को सामान्य किया गया।
घटना के बाद नेकपुरा और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बना रहा। लोगों को डर था कि कहीं एथेनॉल में आग न लग जाए, जिससे बड़ा विस्फोट हो सकता था। प्रशासन की सतर्कता और समय पर कार्रवाई से स्थिति को नियंत्रण में रखा गया।
पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी आपात स्थिति में घबराएं नहीं, बल्कि प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। साथ ही ज्वलनशील पदार्थों से जुड़े हादसों में सावधानी बरतने की जरूरत पर भी जोर दिया गया।
