Dhanbad BJP ‘Sattu Politics’: धनबाद की राजनीति एक बार फिर सुर्खियों में है, जहां भारतीय जनता पार्टी के भीतर गुटबाजी के संकेत खुलकर सामने आ रहे हैं। हाल ही में सांसद धुलू महतो ने पूर्व सांसद और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पी.एन. सिंह के आवास पर मुलाकात की, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। यह मुलाकात सतुआन के शुभ अवसर पर हुई, लेकिन इसके राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। संगठन के भीतर चल रही असंतुलन की स्थिति और सोशल मीडिया पर बढ़ती बयानबाजी ने पहले ही माहौल को तनावपूर्ण बना दिया था।
दो गुटों में बंटी धनबाद बीजेपी, संजीव सिंह बनाम धुलू महतो
धनबाद बीजेपी के भीतर लंबे समय से दो प्रमुख गुट सक्रिय बताए जा रहे हैं। एक ओर सांसद धुलू महतो का प्रभाव है, तो दूसरी ओर धनबाद मेयर संजीव सिंह की राजनीतिक पकड़ मजबूत होती दिख रही है। संजीव सिंह की पत्नी रागिनी सिंह झरिया से विधायक हैं, जिससे उनका राजनीतिक नेटवर्क और मजबूत हो गया है। वहीं, उनके समर्थक सोशल मीडिया पर उन्हें भविष्य का सांसद बताने लगे हैं, जिससे पार्टी के भीतर असंतोष और बढ़ गया है। इस टकराव ने संगठन की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नगर निगम चुनाव के बाद बढ़ी खींचतान और बयानबाजी
मार्च 2026 के नगर निगम चुनाव के बाद यह विवाद और गहरा गया। बीजेपी द्वारा अधिकृत प्रत्याशी संजीव अग्रवाल के खिलाफ संजीव सिंह ने बगावत करते हुए चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इसके बाद से दोनों खेमों के बीच जुबानी जंग लगातार जारी है। रेलवे और अन्य राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर भी विवाद सामने आए, जब निमंत्रण और उसके बाद उसे वापस लेने जैसी घटनाओं ने तनाव और बढ़ा दिया। इस घटनाक्रम ने पार्टी के भीतर मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया है।
पी.एन. सिंह से मुलाकात को सियासी संदेश के रूप में देखा जा रहा
धुलू महतो और पी.एन. सिंह की यह मुलाकात लगभग दो साल बाद हुई है, जिसे केवल औपचारिक मुलाकात नहीं बल्कि राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। बैठक में दोनों नेताओं के बीच करीब दो घंटे तक चर्चा हुई और ‘सत्तू पार्टी’ का आयोजन भी हुआ। इस दौरान कई समर्थक नेता मौजूद रहे और पारंपरिक सम्मान भी दिया गया। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के जरिए पार्टी के भीतर नाराज वर्ग को संदेश देने की कोशिश की गई है कि पुराने नेताओं को नजरअंदाज नहीं किया गया है।
