Jharkhand News: झारखंड की कोयला नगरी धनबाद अब सिर्फ खनिज संपदा के लिए नहीं, बल्कि राजनीतिक टकराव और डिजिटल तकनीक के दुरुपयोग के कारण भी सुर्खियों में है। यहां भारतीय जनता पार्टी के सांसद ढुल्लू महतो और स्थानीय मेयर संजीव सिंह के बीच चल रहा विवाद अब सोशल मीडिया पर AI-जनरेटेड डीपफेक तस्वीरों तक पहुंच गया है। इस पूरे मामले ने न केवल राजनीतिक माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है, बल्कि पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान को भी उजागर कर दिया है।
नगर निगम चुनाव से शुरू हुई राजनीतिक दुश्मनी
इस विवाद की शुरुआत फरवरी 2026 में हुए धनबाद नगर निगम चुनाव से मानी जा रही है। चुनाव प्रचार के दौरान सांसद ढुल्लू महतो ने मेयर प्रत्याशी संजीव सिंह पर खुले तौर पर निशाना साधते हुए उन्हें “माफिया” तक करार दिया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि अगर संजीव सिंह चुनाव जीतते हैं तो शहर में अराजकता फैल सकती है। चुनाव परिणामों में संजीव सिंह की जीत के बाद यह राजनीतिक टकराव और तेज हो गया, जिससे स्थानीय स्तर पर बीजेपी की एकजुटता पर भी सवाल खड़े होने लगे।
रेलवे उद्घाटन विवाद ने बढ़ाई आग में घी
अप्रैल 2026 की शुरुआत में एक रेलवे उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर यह विवाद और भड़क गया। कार्यक्रम में मेयर संजीव सिंह और कुछ विधायकों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन अंतिम समय में सांसद ढुल्लू महतो के दबाव के चलते निमंत्रण रद्द कर दिया गया। इस फैसले के विरोध में संजीव सिंह समर्थकों ने रेलवे डीआरएम का पुतला फूंका, जबकि दूसरी ओर महतो समर्थकों ने आरोप लगाया कि मेयर विकास कार्यों में बाधा डाल रहे हैं। इसी दौरान पुराने जमीन विवाद और आरोप भी फिर से चर्चा में आ गए।
AI डीपफेक ने बदली राजनीति की भाषा, डिजिटल जंग तेज
9 से 12 अप्रैल 2026 के बीच यह विवाद सोशल मीडिया पर पूरी तरह डिजिटल जंग में बदल गया, जब दोनों पक्षों के समर्थकों ने AI टूल्स का इस्तेमाल कर डीपफेक तस्वीरें बनानी शुरू कर दीं। इन तस्वीरों में सांसद ढुल्लू महतो को गलत रूप में दिखाया गया, जबकि जवाब में मेयर संजीव सिंह की भी आपत्तिजनक AI-जनरेटेड छवियां वायरल की गईं। इस डिजिटल हमले ने स्थानीय राजनीति को और अधिक जहरीला बना दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह भारत में राजनीति के भीतर AI दुरुपयोग का एक गंभीर उदाहरण बनकर उभरा है, जिस पर नियंत्रण की तत्काल आवश्यकता है।
