Jharkhand News: रांची के कांके थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब एक आंगनबाड़ी सेविका के घर घरेलू काम करने वाली एक नाबालिग नौकरानी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। यह मामला तब और गंभीर हो गया जब आंगनबाड़ी सेविका Anganwadi Sevika सुषमा कुमारी कार से शव लेकर मृतका के घर पहुंची। शव बुढ़मू क्षेत्र के उमेडंडा पारपोखर गांव पहुंचते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और उन्होंने इसे हत्या का मामला बताते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
मृतका के परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि यह स्वाभाविक मौत नहीं बल्कि एक सुनियोजित हत्या का मामला है। उनका कहना है कि शव देखकर स्पष्ट लग रहा था कि लड़की की मौत एक या दो दिन पहले हुई होगी। शरीर पर कई जगह चोट के निशान पाए गए जिनमें चेहरा सिर और अन्य हिस्से शामिल थे। कुछ लोगों ने यह भी दावा किया कि शरीर पर रस्सी से बांधे जाने जैसे निशान भी मौजूद थे जिससे मामले पर संदेह और गहरा गया। वहीं सेविका सुषमा कुमारी का कहना है कि लड़की की मौत बाथरूम में गिरने से हुई है।
घटना के बाद गांव में भारी तनाव फैल गया और लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने सेविका सुषमा कुमारी उसके चालक और वाहन को अपने कब्जे में ले लिया और बाद में उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। ग्रामीणों ने मृतका के शव को भी थाने ले जाकर न्याय की मांग की। इस दौरान थाने के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई और लोग लगातार आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग करते रहे। मामले ने देखते ही देखते बड़े विवाद का रूप ले लिया।
थाना क्षेत्र विवाद और पुलिस जांच में उलझा मामला प्रशासन सतर्क
यह मामला कांके और बुढ़मू थाना क्षेत्र की सीमा से जुड़ा होने के कारण शुरू में पुलिस के लिए भी उलझन भरा रहा। बाद में इसे कांके थाना क्षेत्र का मामला मानते हुए जांच वहीं स्थानांतरित कर दी गई। Kanke Police Station की पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाने पर ग्रामीणों ने प्रदर्शन भी किया जिसे समझाने के बाद शांत कराया गया। थाना प्रभारी प्रशिक्षु आईपीएस साक्षी जमुआर ने लोगों को निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की तह तक जाने में जुटी है।
