Jharkhand News: रामगढ़ जिले के बरकाकाना रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के मार्ग परिवर्तन को लेकर विवाद तेज हो गया है। भाकपा माले के रामगढ़ जिला सचिव हीरा गोप और झारखंड ग्रामीण मजदूर सभा के राज्य अध्यक्ष देवकी नंदन बेदिया ने संयुक्त बयान जारी कर इस निर्णय का विरोध किया है। उनका कहना है कि रेलवे द्वारा तीन जोड़ी ट्रेनों का रूट अस्थायी रूप से तीन महीने के लिए बदलना यात्रियों के हितों के खिलाफ है। इस फैसले से आम लोगों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ेंगे। पार्टी ने इसे जनविरोधी कदम बताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। साथ ही इस मुद्दे को संसद में उठाने के लिए अपने प्रतिनिधिमंडल के जरिए सांसद सुदामा प्रसाद से भी मुलाकात की गई है।
मॉडल स्टेशन विकास के बीच रूट बदलाव से बढ़ी चिंता
बरकाकाना स्टेशन को 33 करोड़ रुपये की लागत से मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है जिससे यहां आधुनिक सुविधाएं जैसे बेहतर वेटिंग हॉल पार्किंग रेस्टोरेंट और स्वच्छता व्यवस्था तैयार की जा रही हैं। स्टेशन को क्षेत्र के एक प्रमुख रेल केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है क्योंकि यह सीसीएल जिंदल एनटीपीसी थर्मल पावर और रामगढ़ आर्मी कैंट जैसे औद्योगिक और महत्वपूर्ण क्षेत्रों को जोड़ता है। हालांकि इसी बीच ट्रेनों के रूट में बदलाव से यात्रियों और स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि विकास कार्यों के बावजूद यदि कनेक्टिविटी प्रभावित होती है तो इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा और स्टेशन की उपयोगिता भी कम हो सकती है।
यात्रियों और स्थानीय लोगों पर पड़ने वाला प्रभाव
ट्रेन रूट बदलने के कारण बरकाकाना और रामगढ़ के यात्रियों को अब अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी जिससे उनकी यात्रा का समय और खर्च दोनों बढ़ जाएंगे। वर्तमान में इस स्टेशन से इंटरसिटी एक्सप्रेस वंदे भारत हटिया आसनसोल एक्सप्रेस और चोपन एक्सप्रेस सहित कई महत्वपूर्ण ट्रेनें संचालित होती हैं जिससे यह क्षेत्र का व्यस्त और महत्वपूर्ण रेलवे हब बन चुका है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस निर्णय से न केवल यात्रियों को असुविधा होगी बल्कि स्टेशन से जुड़े छोटे व्यवसायियों ऑटो चालकों वेंडरों और कुलियों की आजीविका पर भी असर पड़ सकता है। इन वर्गों में भविष्य को लेकर चिंता और असंतोष का माहौल देखा जा रहा है।
आंदोलन की चेतावनी और लोकल ट्रेन की मांग
भाकपा माले और झारखंड ग्रामीण मजदूर सभा ने स्पष्ट किया है कि यदि रेलवे प्रशासन ने इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। संगठन ने बरकाकाना से रांची के बीच लोकल ट्रेन शुरू करने की भी मांग उठाई है ताकि दैनिक यात्रियों को राहत मिल सके। साथ ही एक्सप्रेस ट्रेनों के रूट परिवर्तन को वापस लेने की अपील की गई है। संगठनों का कहना है कि स्टेशन का आधुनिकीकरण स्वागत योग्य है लेकिन इसके साथ ही यात्रियों की सुविधा और स्थानीय रोजगार की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। इस पूरे मामले ने प्रशासन और रेलवे प्रबंधन के सामने संतुलन बनाए रखने की एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
