Jharkhand के जमशेदपुर में एक शादी के दौरान अजीब और दुखद घटना घटी। मलियांता गांव के ललित सिंह नामक व्यक्ति रसगुल्ला खाते हुए दम तोड़ बैठे। बताया गया कि खाना खाते समय रसगुल्ला उनके गले में फंस गया, जिससे उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई। मौके पर मौजूद लोगों ने मदद की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। आनन-फानन में उन्हें एमजीएम अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई। यह घटना वहां मौजूद लोगों के लिए सदमे और चिंता का कारण बनी।
घटना का विवरण और समय
सूत्रों के अनुसार ललित सिंह शुक्रवार की रात शादी समारोह में मौजूद थे। करीब 1 बजे भोजन करते समय उन्होंने रसगुल्ला खाया, जो गलती से उनके गले में फंस गया। इस दौरान उन्होंने सांस लेने में कठिनाई महसूस की। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत रसगुल्ला निकालने की कोशिश की, लेकिन कुछ फायदा नहीं हुआ। उनकी स्थिति बिगड़ते ही उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। यह घटना दर्शाती है कि खाने-पीने के दौरान छोटी-छोटी लापरवाही भी जानलेवा हो सकती है।
डॉक्टरों की राय: एपिग्लॉटिस और खतरनाक स्थिति
डॉ. रोहित झा ने इस घटना पर बताया कि गले में एपिग्लॉटिस नामक एक छोटी ग्रंथि होती है। यह भोजन निगलते समय श्वासनली को बंद कर देती है और भोजन को ग्रासनली में जाने देती है। लेकिन कुछ मामलों में यह ग्रंथि ठीक से काम नहीं करती। अगर व्यक्ति खाते समय जोर से बात करता है या हंसता है, तो भोजन श्वासनली में जा सकता है और ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हो जाती है। डॉ. झा ने कहा कि शराब के प्रभाव में यह प्रतिक्रिया और धीमी हो जाती है, जिससे गले में भोजन फंसने का खतरा बढ़ जाता है।
बचाव के तरीके और सावधानियां
डॉ. झा ने सलाह दी कि भोजन करते समय हमेशा ध्यान रखें और जितना हो सके कम बोलें। भोजन को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर अच्छी तरह चबाएं और धीरे-धीरे निगलें। शराब या नशीले पदार्थों के प्रभाव में बड़े टुकड़ों को निगलने से बचें। मिठाइयों और भारी भोजन को हड़बड़ी में न खाएं। छोटे बदलाव और सतर्कता से ऐसे हादसों को रोका जा सकता है और जीवन को सुरक्षित रखा जा सकता है।
