Jharkhand राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (जेएसपीसीबी) ने प्रयुक्त तेल यानी यूज्ड आयल के उत्पादन, आयात, पुनर्चक्रण और संग्रहण से जुड़े सभी संस्थानों के लिए अनिवार्य पंजीकरण का आदेश जारी किया है। सदस्य सचिव राजीव लोचन बख्शी ने सभी क्षेत्रीय पदाधिकारियों को इस संबंध में पत्र भेजा है। बोर्ड की ओर से कहा गया है कि बेस ऑयल या लुब्रिकेशन ऑयल के उत्पादक, आयातक, रीसाइक्लर, प्रयुक्त तेल के आयातक तथा कलेक्शन एजेंट सभी को ईपीआर (एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पांसबिलिटी) यूज्ड ऑयल पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
नियम और पंजीकरण की प्रक्रिया
जेएसपीसीबी ने स्पष्ट किया है कि हैजार्डस एंड अदर वेस्टेज नियम 2023 के तहत पंजीकरण अनिवार्य है। इसके लिए संस्थानों को सीपीसीबी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। यदि कोई संस्था एक से अधिक श्रेणियों में आती है तो उसे प्रत्येक श्रेणी के तहत अलग पंजीकरण कराना होगा। बिना पंजीकरण कोई भी संस्था यूज्ड ऑयल के क्षेत्र में व्यापार नहीं कर सकेगी। बोर्ड ने यह भी चेतावनी दी कि पंजीकृत संस्थाएं किसी गैर-पंजीकृत संस्था के साथ व्यापार नहीं कर पाएंगी।
पंजीकरण उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
बोर्ड ने कहा है कि यदि कोई पंजीकृत संस्था गलत जानकारी देती है, नियमों का उल्लंघन करती है या जानकारी छिपाती है तो उसका पंजीकरण सुनवाई के बाद पांच वर्षों के लिए रद्द किया जा सकता है। इसके अलावा, पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क भी लगाया जा सकता है। धनबाद जिले में लगभग 130 यूज्ड ऑयल कारोबारी हैं, जिनके लिए यह नियम लागू होगा। इस कदम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और यूज्ड ऑयल के सुरक्षित प्रबंधन को सुनिश्चित करना है।
समय रहते पंजीकरण की अपील
जेएसपीसीबी ने सभी संबंधित संस्थानों से समय रहते पोर्टल पर पंजीकरण कराने की अपील की है। इससे न केवल नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित होगा बल्कि यूज्ड ऑयल के कारोबार में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी। बोर्ड की यह पहल पर्यावरण संरक्षण और उद्योग में मानकों के पालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। व्यवसायियों से अनुरोध किया गया है कि वे जल्द से जल्द पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करें ताकि किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या से बचा जा सके।
