Jharkhand News: पश्चिमी सिंहभूम जिले के सोनुवा थाना क्षेत्र के हाड़ीमारा गांव में मंगलवार को खुशी का माहौल था। 12 वर्षों से लापता राजा गोप उर्फ गोमा अपने गांव लौट आया। इस भव्य पुनर्मिलन में ग्रामीणों ने बाजे-गाजे और पारंपरिक नृत्य के साथ अपने ‘लाडले’ का स्वागत किया। राजा का यह घर वापसी न केवल उसके परिवार बल्कि पूरे गांव के लिए उत्सव जैसी खुशी लेकर आई।
मीडिया और पुलिस की तत्परता से संभव हुआ पुनर्मिलन
राजा के लापता होने और केरल में होने की खबरें दैनिक जागरण समेत अन्य मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रमुखता से प्रकाशित हुई थीं। 12 साल पहले महज पांच वर्ष की उम्र में राजा अनजाने में ट्रेन पकड़कर केरल के कुन्नूर पहुंच गया था। वहां बाल कल्याण समिति (CWC) की देखरेख में उसे रखा गया। जैसे ही राजा ने चाईबासा क्षेत्र से होने का संकेत दिया, केरल CWC ने चाईबासा पुलिस को सूचित किया। सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्टों के जरिए जानकारी उसके परिजनों तक पहुंची और पुलिस ने तुरंत गांव जाकर सत्यापन और कानूनी प्रक्रिया पूरी की।
फुटबॉल का उभरता सितारा
राजा गोप केवल एक भटका हुआ बालक नहीं बल्कि अब एक कुशल फुटबॉलर बन चुका है। वह केरल के प्रतिष्ठित क्लब ‘केरला ब्लास्टर्स’ के लिए खेलता है और फुटबॉल के प्रति उसका जुनून अब भी बरकरार है। गांव लौटने के बावजूद उसने अपने परिवार से मिलने की खुशी जताई और कहा कि वह जल्द ही केरल लौटकर अपने फुटबॉल करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहता है। इस युवा खिलाड़ी की कहानी ने न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव में प्रेरणा की लहर फैला दी है।
प्रशासन और पुलिस की सराहनीय भूमिका
इस पुनर्मिलन में चाईबासा जिला पुलिस की भूमिका सराहनीय रही। ग्रामीणों और परिजनों ने पुलिस का आभार व्यक्त किया। 12 साल बाद अपने बेटे को सीने से लगाकर मां की भावुक प्रतिक्रिया किसी चमत्कार से कम नहीं थी। उसने कहा कि मुझे उम्मीद नहीं थी कि मैं जीते जी अपने बेटे को देख पाऊंगी। इस घटना ने साबित कर दिया कि जज्बा, तत्परता और सही प्रक्रिया से खोए हुए परिवार को वापस लाना संभव है।
