Jharkhand विधानसभा के बजट सत्र की पहली बैठक के प्रश्नकाल के समापन के बाद बुधवार को सदन में हंगामा मच गया। सदन का वातावरण गरम हो गया और शासक व विपक्षी दलों के बीच तीखे बयानबाजियों ने स्थिति को बिगाड़ दिया। इसकी वजह से स्पीकर को सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। हंगामे के दौरान सदस्यों के बीच न केवल शब्दों की भिड़ंत हुई बल्कि कई बार आपस में शाब्दिक विवाद भी सामने आया।
मंत्री के बयान पर BJP ने जताई आपत्ति
BJP के नवीन जायसवाल ने संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर के बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि मंत्री ने सदन में झूठे तथ्य प्रस्तुत किए। नवीन जायसवाल ने स्पष्ट किया कि ईरानी हमला भारत की सीमा में नहीं हुआ बल्कि श्रीलंका की सीमा में हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री का यह बयान भारतीय सेना की शान को ठेस पहुँचाता है। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि इस बयान को सदन की कार्यवाही से हटाया जाए।
केंद्र सरकार पर अमेरिका के साथ समझौते का आरोप
संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष भारत की शान की बात कर रहा है, लेकिन केंद्र सरकार ने ही देश की शान को अमेरिका के सामने घटाया। मंत्री ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने देश की प्रतिष्ठा को समर्पित कर दिया। मंत्री के इस बयान के बाद सदन में फिर से हंगामा शुरू हो गया और शासक तथा विपक्षी दलों के सदस्य एक-दूसरे के सामने आ गए।
स्पीकर ने स्थगित की कार्यवाही
सदन में बढ़ते हंगामे और अनुशासनहीनता को देखकर स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने हस्तक्षेप किया और सदन की पहली सत्र की कार्यवाही 12:25 से 12:50 तक के लिए स्थगित कर दी। हंगामे के कारण सदन में सदस्य द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले कॉलिंग-अटेंशन प्रस्तावों पर चर्चा नहीं हो सकी। सदन में विपक्ष और शासक दल के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि बजट सत्र के दौरान गंभीर मुद्दों पर भी चर्चा करना मुश्किल हो रहा है।
