Jharkhand News: झारखंड की राजधानी रांची के नवविवाहित जोड़े, सेल अधिकारी अतुल उरांव और उनकी पत्नी डॉ. कंचन बाड़ा, अपनी पहली विदेश यात्रा में खुशियां बटोरने दुबई गए थे। उनका हनीमून था और वे 27 फरवरी को दुबई रवाना हुए थे। उनकी योजना थी कि 4 मार्च को भारत लौटेंगे। शादी के जश्न के बाद यह यात्रा उनके लिए यादगार बननी थी, लेकिन अचानक बढ़ते अंतरराष्ट्रीय सैन्य तनाव और उड़ानों के रद्द होने ने उनकी यात्रा को अनिश्चितता और डर में बदल दिया। इस संकट की वजह से दंपति ने वीडियो जारी कर झारखंड के मुख्यमंत्री से मदद की गुहार लगाई है।
युद्ध की आहट और रद्द उड़ानों का भय
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने खाड़ी क्षेत्र की शांति भंग कर दी है। दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सुरक्षा कारणों से भारत सहित कई देशों की उड़ानें अचानक रद्द कर दी गईं। अतुल और डॉ. कंचन इस भू-राजनीतिक संकट की भेंट चढ़ गए हैं। होटल और सार्वजनिक स्थानों पर आवाजाही सीमित हो गई है। उनके साथ हजारों विदेशी यात्री भी दुबई में फंसे हुए हैं। इस अनिश्चित माहौल ने नवदंपति की खुशियों को खतरे में डाल दिया है और उन्हें घर लौटने की बेचैनी लगातार बढ़ा रही है।
नवदंपति ने अपनी चिंता साझा की
दुबई से फोन पर बातचीत में अतुल उरांव ने बताया, “हम अपनी सबसे खूबसूरत यादें बनाने आए थे, लेकिन अब केवल सुरक्षित घर लौटने की चिंता है।” वहीं, डॉ. कंचन बाड़ा ने कहा कि वहां का माहौल सामान्य नहीं है। हर तरफ सन्नाटा और अनिश्चितता पसरी हुई है। बढ़ते तनाव और हर नई खबर उनकी मानसिक शांति को प्रभावित कर रही है। उनका कहना है कि वे सुरक्षित घर लौटने के लिए किसी भी उपाय के लिए तैयार हैं, लेकिन अभी उन्हें मानवीय और प्रशासनिक मदद की सख्त जरूरत है।
झारखंड सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग
रांची में परिवार और परिजन झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से गुहार लगा रहे हैं कि भारतीय दूतावास (UAE) से संपर्क कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। केंद्र सरकार के समन्वय से खाड़ी देशों में फंसे झारखंड के नागरिकों के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन या विशेष विमान की व्यवस्था की जाए। परिजनों का कहना है कि यह केवल एक जोड़े का मामला नहीं है, वहां कई भारतीय फंसे हुए हैं। वे सरकार से मानवीय आधार पर तुरंत कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं ताकि यह जोड़ा और अन्य भारतीय सुरक्षित रूप से भारत लौट सकें।
