Jharkhand News: पश्चिमी एशिया में जारी युद्ध की स्थिति के कारण हजारों भारतीय नागरिक विभिन्न खाड़ी देशों में फंसे हुए हैं। लगातार हमलों और उड़ानों की रुकावट के बीच झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अपील की है कि वहां फंसे लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने 2 मार्च को यह अनुरोध करते हुए कहा कि राज्य सरकार और केंद्र मिलकर त्वरित कदम उठाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विदेश में फंसे झारखंडियों की हर संभव मदद करेगी और उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
खाड़ी क्षेत्र की बदलती परिस्थितियों पर सतर्क संदेश
सोरेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि खाड़ी में तेजी से बदलते हालात चिंता का विषय हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से आग्रह किया कि जो भारतीय नागरिक स्वयं को असुरक्षित या फंसा हुआ महसूस कर रहे हैं, उन्हें सुरक्षित स्वदेश लाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और राज्य सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
हेमंत सोरेन ने खाड़ी देशों में रहने वाले झारखंडी और अन्य प्रवासियों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत अपने नागरिकों के साथ खड़ा है और किसी भी आपात स्थिति में राज्य और केंद्र मिलकर हर संभव सहयोग प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री ने यह भरोसा दिलाया कि किसी भी झारखंडी या भारतीय नागरिक को असुरक्षित स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा।
हेल्पलाइन और सहयोग के लिए तत्परता
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से झारखंड के लोगों से कहा कि किसी भी परेशानी की स्थिति में वे राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष की हेल्पलाइन पर तुरंत संपर्क करें। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने सहायता के लिए आवश्यक तंत्र सक्रिय कर रखा है। हेमंत सोरेन ने दोहराया कि राज्य और केंद्र मिलकर काम करेंगे ताकि फंसे हुए नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर नागरिक की सुरक्षा और स्वदेश वापसी के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
