नए साल के आगमन पर झारखंड के प्रसिद्ध Hundru Falls ने अपने आप को पूरी तरह सजाकर पर्यटकों का स्वागत करने के लिए तैयार कर लिया है। हर साल 1 जनवरी को Hundru Falls में हजारों पर्यटक और पिकनिक मनाने वाले लोग जुटते हैं। रांची के अलावा, हज़ारिबाघ, बोकारो, गुमला, जमशेदपुर, रामगढ़, धनबाद और अन्य पड़ोसी राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बिहार से भी बड़ी संख्या में पर्यटक इस जलप्रपात को देखने आते हैं।
Hundru Falls की प्राकृतिक सुंदरता और मनोरम दृश्य पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती है। लोग 320 फीट ऊँचाई से गिरते जलप्रपात के पास जाकर इसके शानदार दृश्य का आनंद लेना चाहते हैं। दिसंबर के आखिरी हफ्ते से ही पर्यटकों और पिकनिक मनाने वालों का सिलसिला शुरू हो जाता है। झारखंड टूरिज्म सिक्योरिटी कमेटी के अध्यक्ष राजकिशोर प्रसाद ने बताया कि बड़े भीड़ को देखते हुए और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सिकिदिरी पुलिस थाना और पर्यटन स्वयंसेवक पूरी सतर्कता के साथ मौजूद रहते हैं।
Hundru Falls रांची से लगभग 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां पहुंचने के दो मुख्य मार्ग हैं। रांची से आने वाले पर्यटक अंगारा मार्ग से 43 किलोमीटर और ओरमांझी मार्ग से 48 किलोमीटर की दूरी तय कर आसानी से Hundru Falls पहुंच सकते हैं। पर्यटक अपनी सुविधा के अनुसार चार पहिया, तीन पहिया या दो पहिया वाहन से यहां आ सकते हैं।
झारखंड टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने Hundru Falls में प्रवेश के लिए प्रति व्यक्ति ₹10 का शुल्क निर्धारित किया है। इसके अलावा, पार्किंग शुल्क दोपहिया वाहनों के लिए ₹15 और चारपहिया वाहनों के लिए ₹30 है। इस तरह, पर्यटक यहां आराम से आकर जलप्रपात का आनंद ले सकते हैं।
राजकिशोर प्रसाद ने बताया कि Hundru Falls की सुरक्षा के लिए तैनात पर्यटन स्वयंसेवक पूरे इलाके में चौकस रहते हैं। वे विशेष रूप से Hundru Falls के ऊपरी हिस्सों जैसे साहिब चिपुआ, सोना दुबवा और हंडरू बाबा से खतरनाक गॉर्ज तक फैले क्षेत्रों में सतर्क रहते हैं। इसके अलावा, जलप्रपात के निचले हिस्सों जैसे भांडरा दाह, मंतुमारा दाह और जोगिया दाह को भी खतरनाक माना गया है।
पर्यटकों से अपील की गई है कि वे इन खतरनाक क्षेत्रों में जाने से बचें। इनमें जाने पर दुर्घटना की संभावना बहुत अधिक होती है और यह जीवन के लिए घातक साबित हो सकता है। पिकनिक मनाने वाले पर्यटक अक्सर भीड़ और जगह की कमी के कारण सड़क किनारे ही पिकनिक मनाते हैं, इसलिए सभी से सुरक्षित व्यवहार करने का अनुरोध किया गया है।
हंडरू फॉल्स अपनी मनोरम प्राकृतिक सुंदरता और ठंडी हवा के लिए प्रसिद्ध है। यहां की हरियाली, ऊँचाई से गिरते जलप्रपात का दृश्य और आसपास का शांत वातावरण पर्यटकों को मानसिक शांति और रोमांच दोनों प्रदान करता है। इस जलप्रपात की भव्यता देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं और फोटो खींचने और वीडियो बनाने में व्यस्त रहते हैं।
राजकिशोर प्रसाद ने कहा कि पर्यटन सुरक्षा टीम की सतर्कता और पर्यटकों की जिम्मेदारी से ही हंडरू फॉल्स में सुरक्षित और आनंदमय अनुभव सुनिश्चित किया जा सकता है। सभी पर्यटक इस प्राकृतिक स्थल का आनंद उठाएं, लेकिन सुरक्षा नियमों का पालन करना न भूलें। इस प्रकार, नववर्ष के दिन हंडरू फॉल्स हर किसी के लिए आनंद और रोमांच का केंद्र बन जाता है।

