Jharkhand News: राज्य की पहली आठ लेन सड़क की गुणवत्ता को लेकर बड़ा संकट सामने आया है। 461.90 करोड़ की लागत वाली 20 किलोमीटर लंबी सड़क अपने उद्घाटन के बाद से आठवीं बार धंस गई है। मंगलवार को झारखंड मोड़ से 99 कोयलांचल सिटी के बीच सर्विस लेन में लगभग तीन फीट चौड़ा और आठ फीट गहरा गड्ढा बन गया। सड़क के नीचे जलजमाव के कारण यह गड्ढा बन पाया। इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। कई दोपहिया वाहन इसमें गिरते गिरते बच पाए।
उद्घाटन और निर्माण एजेंसियों पर उठे सवाल
गोल्ड बिल्डिंग से कांकोमठ तक बनी इस सड़क का उद्घाटन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पांच अक्टूबर 2024 को किया था। उद्घाटन के 24 घंटे के भीतर ही असर्फी अस्पताल के सामने सड़क धंस गई थी। इसके बाद लगातार तीन-चार महीने के अंतराल पर कई जगह सड़क धंसती रही। सड़क का निर्माण स्टेट हाईवे अथॉरिटी ऑफ झारखंड (साज) ने दो एजेंसियों शिवालया और त्रिवेणी कंस्ट्रक्शन को सौंपा था। बिनोद बिहारी महतो चौक से कांकोमठ तक 9.30 किलोमीटर की सड़क त्रिवेणी कंस्ट्रक्शन ने बनाई, जबकि गोल्ड बिल्डिंग से बिनोद बिहारी महतो चौक तक 11.70 किलोमीटर का निर्माण शिवालया कंस्ट्रक्शन ने किया। दोनों कंपनियों की निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
सड़क धंसने के कारण और पिछले हादसे
सड़क के धंसने के पीछे पेयजल विभाग की मेन राइजिंग पाइपलाइन के जल दबाव को जिम्मेदार माना जा रहा है। कई बार पानी का प्रेशर अधिक होने के कारण सड़क का सतह धंस जाता है। 2024 में ही भूली ओवरब्रिज से बिनोद बिहारी चौक तक चार बार सड़क धंसी थी। मेमको मोड़ और राजा तालाब के पास भी बड़े गड्ढे बने। सितंबर 2025 में राजा तालाब के पास मेन राइजिंग पाइपलाइन फटने से सड़क धंस गई थी। अब 2026 में झारखंड मोड़ के पास फिर से सड़क धंस गई है।
मरम्मत और आगे की योजना
सड़क की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। साज के डीजीएम संजय कुमार सिंह ने बताया कि पेयजल विभाग के साथ बैठक हो चुकी है और भविष्य में सड़क धंसने की घटनाओं को रोकने के लिए और कदम उठाए जाएंगे। मरम्मत के दौरान सड़क की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखा जाएगा। लोगों और वाहनों की सुरक्षा के लिए अधिकारियों ने मौके पर निगरानी बढ़ा दी है। भविष्य में इस सड़क की स्थायित्व और गुणवत्ता पर भी नजर रखी जाएगी।
