झारखंड की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने नई दिल्ली में केंद्रीय पंचायती राज मंत्री ललन सिंह से मुलाकात कर 15वें वित्त आयोग के तहत लंबित 2736 करोड़ रुपये की राशि जल्द जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि फंड की कमी से राज्य में पंचायतों और ग्रामीण विकास योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावित हो रहा है।
झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान केंद्र-राज्य फंड के मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने आए थे। ग्रामीण विकास मंत्री ने आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार राशि रोक रही है और केंद्रीय मंत्री मिलने तक का समय नहीं दे रहे हैं।
मंत्री दीपिका ने 15वें वित्त आयोग के तहत 2736 करोड़ रुपये का प्रावधान बताया, जिसमें 1094 करोड़ अनटाइड ग्रांट और 1641 करोड़ टाइड ग्रांट शामिल हैं, लेकिन अब तक झारखंड को यह राशि नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि 2024-25 और 2025-26 के वित्तीय वर्षों के लिए फंड की समयबद्ध रिहाई आवश्यक है ताकि पंचायतों को स्थिर संसाधन मिल सकें।
इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से सभी प्रक्रियात्मक शर्तों की वित्तीय वर्ष की शुरुआत में स्पष्ट जानकारी देने की मांग की, जिससे फंड रिलीज़ में देरी से बचा जा सके।
इस मुलाकात को राज्य सरकार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके अलावा भाजपा के वरिष्ठ नेता भी केंद्रीय मंत्री से मिले। कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने एससी-ओबीसी छात्रों की लंबित छात्रवृत्ति के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री से बात की, जिससे छात्रों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

