झारखंड के नगड़ी-दलादली इलाके में एक शादी समारोह के दौरान हुए दिल दहला देने वाले अपहरण ने सभी को हैरान कर दिया। बिहार के आरा थाना क्षेत्र के शिवशंकर प्रसाद अपनी बेटी की शादी में शामिल हुए थे। खुशी के माहौल में अचानक मध्यरात्रि को चार अपराधियों ने दुल्हन के भाई सुमित सोनी को अगवा कर लिया। यह वारदात 23 नवंबर की रात हुई जब शादी का समारोह आनंदपूर्वक चल रहा था। अपराधियों ने इस अपहरण के जरिए 20 लाख रुपये की फिरौती की मांग की, साथ ही रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी।
फिरौती की मांग और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
अपहरण के तुरंत बाद सुमित सोनी ने परिवार को फोन कर अपनी आपबीती बताई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए सुमित को सुरक्षित बरामद किया। इस सफलता के पीछे दलादली और नगड़ी थाना की पुलिस टीम की कड़ी मेहनत और समर्पण रहा। अपहरणकर्ताओं नारायण कुमार, सोनू कुमार विश्वकर्मा, सुमित कुमार और हर्ष कुमार को गया जिले के डोभी से गिरफ्तार किया गया और रांची लाया गया।

कर्ज की वसूली के लिए रची गई साजिश
पुलिस जांच में यह भी पता चला कि यह अपहरण कर्ज की वसूली के लिए सुनियोजित षड्यंत्र था। चारों आरोपियों ने आरा से सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार लेकर रांची पहुंचे और शादी समारोह के दौरान ही वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने अपहरण में प्रयुक्त कार (बीआर01एफए/8738) और मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं, जो इस मामले में सबूत के रूप में काम आएंगे। यह खुलासा इस घटना की गंभीरता को दर्शाता है कि कैसे कर्ज की राशि वसूलने के लिए भी लोग कानून को चुनौती देते हैं।
पुलिस की सराहनीय भूमिका और जांच जारी
इस मामले में दलादली टीओपी प्रभारी सहित नगड़ी थाना की पुलिस टीम ने बहुत ही प्रभावी और तेज कार्रवाई की। पुअनि सत्यप्रकाश उपाध्याय, पुअनि देवानंद कुमार यादव, पुअनि संदीप राज, आरक्षी पंकजकुमार चौधरी, आरक्षी अनोदकुमार यादव, हवलदार दिलीप ठाकुर और संजय मिंज सहित पूरी टीम ने मिलकर आरोपीयों को गिरफ्तार कर न्यायालय के हवाले किया। पुलिस अभी भी इस मामले की जांच कर रही है ताकि इस घटना के पीछे अन्य संदिग्धों और साजिशकर्ताओं तक पहुंचा जा सके।
सावधान रहने की जरूरत और सामाजिक संदेश
यह घटना हमें यह सिखाती है कि आज भी अपराधी शादी जैसे खुशी के मौके का भी गलत फायदा उठाते हैं। समाज और परिवारों को चाहिए कि वे ऐसे खतरों से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें। पुलिस भी अपनी सतर्कता और प्रभावी कार्यवाही से ऐसे अपराधों को रोकने का प्रयास कर रही है। इस सफलता ने यह भी साबित कर दिया है कि संयुक्त प्रयासों से अपराधियों को गिरफ्तार कर कानून का शासन कायम किया जा सकता है।

