खूंटी: झारखंड के खूंटी में बेखौफ अपराधियों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया है. खूंटी थाना क्षेत्र स्थित संत मिखाइल स्कूल में घुसकर अज्ञात हमलावरों ने स्कूल के फादर बेनेडिक्ट बारला उर्फ फादर बेनी पर जानलेवा हमला कर दिया.
अचानक हुई इस घटना के बाद स्कूल परिसर और आसपास के इलाके में भारी सनसनी और दहशत फैल गई है. घायल फादर को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें रिम्स रेफर कर दिया गया है. बता दें कि फादर बेनेडिक्ट बारला 2009 से संत मिखाइल स्कूल में सेवारत हैं.
घटना की जानकारी देते हुए स्कूल के फादर अनिल कुमार होरो ने बताया कि सुबह सूचना मिली कि फादर बेनेडिक्ट बारला कमरे में बेहोश पड़े हैं. जब वे मौके पर पहुंचे तो कमरे का सारा सामान अस्त-व्यस्त और बिखरा हुआ पाया गया. इसके बाद उनके सहयोगी फादर निकोलस और संजय सोरेंग की मदद से घायल फादर को तुरंत सदर अस्पताल पहुंचाया गया.
फादर अनिल ने आशंका जताई कि यह वारदात देर रात या अहले सुबह की हो सकती है, क्योंकि रात के वक्त उस हिस्से में कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं रहता था. उन्होंने कहा कि हमला गोली मारकर किया गया है या किसी अन्य धारदार हथियार से, यह मेडिकल जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा.
वारदात की सूचना मिलते ही खूंटी एसपी ऋषभ गर्ग, डीएसपी मंगल सिंह जामुदा और थाना प्रभारी दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे. मामले की जानकारी देते हुए एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया कि सुबह करीब 9:00 बजे सूचना मिली कि संत मिखाइल स्कूल में रहने वाले फादर बेनेडिक्ट बारला पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा हमला किया गया है. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद सुरक्षा घेरे में रिम्स भिजवाया.
एसपी ने बताया कि फिलहाल फादर की हालत स्थिर है. चोट किस हथियार से पहुंचाई गई है, यह विस्तृत इंजरी रिपोर्ट आने पर ही स्पष्ट होगा. पुलिस की टीम घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है. पुलिस अधिकारियों ने भरोसा जताया है कि अपराधियों की शिनाख्त कर उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
खूंटी के संत मिखाइल स्कूल में घुसकर स्कूल के फादर बेनेडिक्ट बारला उर्फ फादर बेनी पर जानलेवा हमले किए जाने से स्थानीय लोगों में आक्रोश है. स्थानीय लोगों ने खूंटी के भगत सिंह चौक को जामकर प्रदर्शन किया. लोगों ने खूंटी पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपराधियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
भगत सिंह चौक पर चक्का जाम, वाहनों की लंबी कतारें
फादर बेनेडिक्ट बारला पर हमले के विरोध में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और ग्रामीण प्रदर्शन में शामिल हुए. कड़ी धूप के बावजूद लोग छाते लेकर सड़क पर धरने पर बैठे रहे. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड को सड़क पर रखकर आवागमन बाधित कर दिया. उनके हाथों में शिक्षा की ज्योति जलाने वालों पर हमले बंद करने, अपराधियों को गिरफ्तार करने और जिला प्रशासन के खिलाफ नारे लिखी तख्तियां थीं. भगत सिंह चौक पर चक्का जाम के कारण रांची-चाईबासा और खूंटी-सिमडेगा मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. इससे राहगीरों, यात्रियों और दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा.
शिक्षा के क्षेत्र में सेवा देने वाले पर हमला असहनीय
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे लोगों ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि खूंटी मुंडा समाज की शांतिप्रिय भूमि है, लेकिन हाल के दिनों में लगातार हिंसक घटनाएं सामने आ रही हैं. शिक्षा के क्षेत्र में निस्वार्थ भाव से सेवा देने वाले विद्यालय के प्रिंसिपल पर जानलेवा हमला पूरे समाज के लिए असहनीय है. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन से मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की. उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा.
उधर, घटना के बाद उपजे तनाव को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को संभालने का प्रयास किया. वहीं, पुलिस की विशेष टीम डॉग स्क्वॉड के साथ घटनास्थल और स्कूल परिसर पहुंची. टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की और अपराधियों तक पहुंचने के लिए सुराग जुटाने में लगी है. खूंटी की एसडीओ दीपेश कुमारी और डीएसपी मंगल सिंह जामुदा समेत गठित टीम मामले की जांच में जुटी हुई है.