पलामू: ऐसे छात्र जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं और किसी कारणवश नहीं कर पाते हैं उनके लिए जिला प्रशासन ने एक योजना तैयार की है. जिला प्रशासन गरीब, असहाय और वैसे छात्रों की मदद करेगा जो घर से बाहर रहकर पढ़ाई कर रहे हैं. पलामू में अनुमंडल स्तर पर लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर खोले जाएंगे. पलामू के मेदिनीनगर, छत्तरपुर और हुसैनाबाद में अनुमंडल स्तर पर कोचिंग और लाइब्रेरी खोलने की तैयारी है. अनुमंडल स्तर पर छात्रों की उपस्थिति के आधार पर प्रखंड स्तर पर भी लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर खोलने पर प्रशासनिक अधिकारी विचार करेंगे.
कोचिंग के माध्यम से छात्रों को बैंकिंग, रेलवे कर्मचारी चयन आयोग की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी. फिलहाल अनुमंडल स्तर पर पहले चरण में 100-100 के करीब छात्रों को पढ़ाया जाएगा. बाद में उनकी मौजूदगी के आधार पर संख्या बढ़ाई जाएगी. पलामू जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी इस प्रोजेक्ट के लिए नोडल हैं. सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने इच्छुक छात्रों से उनका पूरा ब्योरा भी मांगा है.
कोचिंग सेंटर में एक्सपर्ट शिक्षकों को किया जाएगा तैनात
लाइब्रेरी सह कोचिंग सेंटर में जिला प्रशासन एक्सपर्ट शिक्षकों की तैनाती करेगा. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाने वाले एक्सपर्ट ऑनलाइन छात्रों की क्लास लेंगे. जिला प्रशासन छात्रों को स्टडी मटेरियल और किताबें भी उपलब्ध कराएगा. अनुमंडल स्तर पर मौजूद सरकारी भवनों में ही इस प्रोजेक्ट को शुरू किया जाना है. जिला प्रशासन के द्वारा लाइब्रेरी सह कोचिंग सेंटर के लिए आधारभूत संरचना भी तैयार किया जा रहा है और अगले कुछ दिनों में यह प्रोजेक्ट शुरू हो जाएगा.
ग्रामीण इलाकों में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नहीं है कोचिंग की सुविधा
पलामू के ग्रामीण इलाकों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग और लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध नहीं है. पलामू के मेदिनीनगर में ही सिर्फ सरकारी लाइब्रेरी और कई कोचिंग संस्थान हैं, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाते हैं. ग्रामीण इलाकों के छात्र बड़ी संख्या में परीक्षाओं की तैयारी के लिए पलायन करते हैं और दूसरे शहरों में पढ़ाई करते हैं. आर्थिक रूप से कमजोर छात्र दूसरे शहरों में पढ़ाई नहीं कर पाते हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग नहीं ले पाते हैं. जिला प्रशासन ने इन्हीं सब बिंदुओं को ध्यान में रखकर ग्रामीण इलाके के छात्रों की मदद के लिए यह कदम उठाया है.
वहीं इस संबंध में पलामू के बिश्रामपुर प्रखंड क्षेत्र निवासी कौशल कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन की यह पहला काफी अच्छी है. छात्रों को पढ़ाई के लिए बाहर जाना पड़ता है. ग्रामीण इलाके में 12वीं तक की पढ़ाई आसानी से हो जाती है, लेकिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी बेहद ही मुश्किल है.