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चतरा के फतहा गांव की नई पहचान: 105 रुपये की मजदूरी से 'एम्ब्रॉयडरी विलेज' तक का सफर

चतरा के फतहा गांव की नई पहचान: 105 रुपये की मजदूरी से 'एम्ब्रॉयडरी विलेज' तक का सफर

कभी दिल्ली में 105 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी पाने वाले मो. मेराज ने अपने गांव फतहा में गारमेंट एम्ब्रॉयडरी का काम शुरू किया. उनके हुनर ने पूरे गांव को बदल दिया, जो अब 'एम्ब्रॉयडरी विलेज' के नाम से जाना जाता है. The post चतरा के फतहा गांव की नई पहचान: 105 रुपये की मजदूरी से 'एम्ब्रॉयडरी विलेज' तक का …

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