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LohardagaAgricultureJharkhand News Desk

रबी कर्मशाला-2026 सह खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम आयोजित, किसानों को आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति किया गया जागरूक

रबी कर्मशाला-2026 सह खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम आयोजित, किसानों को आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति किया गया जागरूक

मिश्रित खेती, फसल विविधीकरण, पशुपालन एवं जैविक खाद अपनाने पर दिया गया जोर

लोहरदगा:  रबी कर्मशाला-2026 सह खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में माननीय विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव, जिला परिषद अध्यक्ष सुखदेव उरांव एवं उप विकास आयुक्त राज महेश्वरम ने किसानों को कृषि एवं पशुपालन के माध्यम से बेहतर आजीविका के अवसर विकसित करने तथा उनकी आय में वृद्धि करने के संबंध में जागरूक किया।

माननीय विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव ने किसानों को जैविक खाद के उपयोग के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जैविक खाद के उपयोग से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है तथा कृषि उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार होता है। रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों का अत्यधिक और अनियंत्रित उपयोग मिट्टी एवं फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इसलिए किसानों को टिकाऊ एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियां अपनानी चाहिए।

जिला परिषद अध्यक्ष सुखदेव उरांव ने किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ फसल विविधीकरण अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसान रबी मौसम में सरसों, चना, मटर सहित विभिन्न फसलों की खेती कर बेहतर उत्पादन एवं आर्थिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं। कम समय और कम लागत में अधिक उत्पादन के लिए फसल विविधीकरण एवं उन्नत कृषि पद्धतियों को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने खेती में रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव के प्रति भी किसानों को सचेत किया।

उप विकास आयुक्त राज महेश्वरम ने किसानों को कृषि एवं पशुपालन के क्षेत्र में बेहतर आजीविका के अवसर विकसित करने तथा आय में वृद्धि के उद्देश्य से विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जागरूक किया। उन्होंने किसानों को मिश्रित खेती (मिक्स्ड फार्मिंग) अपनाने के लिए प्रेरित किया। खेती के साथ पशुपालन को जोड़कर आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करने की जानकारी दी गई। पशुओं के उचित रखरखाव, संतुलित आहार एवं स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा समय-समय पर आवश्यक टीकाकरण कराने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि पशुओं को विभिन्न बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सके। इसके अतिरिक्त पारंपरिक कृषि पद्धतियों के संरक्षण, जल प्रबंधन एवं कृषि गतिविधियों को बेहतर बनाने के संबंध में भी जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के दौरान किसानों के बीच आत्मनिर्भर भारत इन पल्सेज योजना के अंतर्गत मिनीकिट मसूर बीज तथा एडिबल ऑयल-ऑयलसीड्स योजना के अंतर्गत सरसों बीज का वितरण किया गया। साथ ही किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Card) भी उपलब्ध कराया गया।

इस कार्यक्रम के तहत सरसों बीज वितरण से 9 किसान, मिनीकिट मसूर बीज वितरण से 5 किसान तथा मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण से 4 किसान लाभान्वित हुए। साथ ही 25 पंप सेट भी वितरण किया गया।

कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन, फसल विविधीकरण, जैविक खेती, पशुपालन एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए कृषि को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने का संदेश दिया गया।

आज इस अवसर पर माननीय सांसद के निजी सचिव आलोक कुमार साहू, माननीय विधायक प्रतिनिधि निशिथ जायसवाल, जिला कृषि पदाधिकारी कालेन खलखो, जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी एवं अन्य उपस्थित थे।

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